मंगलवार, 12 मई 2015

हरियाणा में अपने स्कूल की बनाई अलग पहचान ,एक अध्यापक ऐसा भी ...........

हरियाणा- हिसार आम तोर पर जहां अंग्रेजी के नाम पर हरियाणा के विद्यार्थियों को पसीना आ जाता है वहीं नारनौंद के राजकीय वरिस्ट माध्यमिक विद्यालय में अंग्रेजी बोलने व समझने वाले विद्यार्थियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। यह सब वहां पर तेनात अतिथि अध्यापक अजय लोहान की मेहनत से सम्भव हो पाया है। यह अध्यापक हरियाणा के हिसार जिले के कस्बे नारनौंद के वार्ड नम्बर आठ के रहने वाले है। अध्यापक अजय लोहान सन 2007 में इस विद्यालय में नियुक्त हुए थे। उस समय विद्यालय में परीक्षा परिणाम का स्तर काफी गिरा हुआ था और न ही इंग्लिश मीडियम था। इन्होने पूर्व प्राचार्य व विद्यालय के अध्यापको के सहयोग से इंग्लिश मीडियम को शुरु किया। बस फिर क्या था इन्होने कभी पीछे मुडकर नहीं देखा और शिक्षा के क्षेत्र में ऐसी मिसाल कायम की कि पहले ही वर्ष नारनौंद के सरकारी स्कूल में बच्चो की संख्या और उनका परीक्षा परिणाम आसमान की ऊँचाइयों को छूने लगा।जब उनसे बच्चो की इस कामयाबी के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि वो  कक्षा में जाते ही इंग्लिश बोलने लगते है और कक्षा से निकलने तक इंग्लिश में ही बोलते रहते है। पाठ्यक्रम की पढाई के साथ साथ वो बच्चो को इंग्लिश स्पीकिंग भी करवाते है जिससे बच्चो की इंग्लिश पर पकड़ बनती गई और वो भी इंग्लिश बोलकर अपने गुरु के मार्ग पर चलते जा रहे है और उन्हें इंग्लिश स्पीकिंग के लिए कहीं और नहीं जाना पड़ता ।उनकी मेहनत की वजह से आज इस विद्यालय के बच्चे इंग्लिश बोलते व समझते तो हैं ही साथ ही हर वर्ष दर्जनों बच्चो के इंग्लिश विषय में 100 में से 100 अंक आते है। ये आज भी बोलने के साथ साथ बच्चो की लिखाई का भी विशेष ध्यान देते है जिसको लेकर हर रोज बच्चो को एक अंग्रेजी का लिखाई का पेज भी देते है। ये अपने शिष्य को पकड़ कर नहीं रखते बल्कि दुनिया के सामने और नया करने का मौका देता है।
   कक्षा में कुर्शी से करते है नफरत - आपने और हमने हर रोज अखबारों में अध्यापको को कुर्सी पर बैठकर समय बिताते जरुर देखा होगा लेकिन क्या कभी ऐसा अध्यापक देखा है जो अपने सात साल की नौकरी के दोरान आज तक एक बार भी कुर्सी पर नही बेठा हो और वो भी सरकारी स्कूल में। जी हाँ ये अध्यापक जितना मन लगाकर बच्चो को पढ़ाते है उतनी ही नफरत कक्षा में कुर्शी पर बेठने से करते है। इन्हें चाहे कॉपी ही क्यों न चेक करनी हो लेकिन ये हमेशा खड़े रहते है। 
  अंग्रेजी ही नहीं हरियाणवी संस्क्रती से भी है लगाव - ऐसा नहीं है कि इस अध्यापक को केवल अंग्रेजी से ही लगाव है बल्कि हरियाणवी संस्क्रती उससे कहीं ज्यादा उनके कण कण में बसी हुई है। हरियाणवी संस्क्रती को बचाने के लिए वो सन 2001 से हरियाणवी डांस कम्पटीशन के साथ साथ अनेक प्रतियोगिता अपने खर्चे से करवाते आ रहे है जिसके कारण लोग उन्हें हरियाणवी संस्क्रती के संरक्षक के रूप में देखते है। 
  अजय लोहान ने किया था सनसनीखेज खुलासा :-  कुछ महीनों पहले अध्यापक अजय लोहान जब बच्चो को कम्पुटर पर भारत का नक्सा करवाने लगे तो जेसे ही उन्होंने भारत के नक्शे को देखा तो उसमे भारत के नक्शे से जम्मू कश्मीर गायब था जिसको देखकर उनकी आँखे खुली की खुली रह गयी थी और सांसे अधर में लटक गयी थी। उन्होंने देखा की नक्शे से जम्मू कश्मीर का आधा हिस्सा ही काट दिया गया है और जम्मू कश्मीर के उस हिस्से में लिखा आता है की ये भारत का हिस्सा नही है। उनके ध्यान के कारण ही हरियाणा सरकार ने तुरंत इस पर ध्यान दिया था और दो दिन में ही पुरे हरियाणा में भारत के नक्शे को ठीक कर दिया था। हरियाणा सरकार ने इस गलती के लिए उच्च अधिकारीयों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की थी। 

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