बुधवार, 13 मई 2015

अमेरिका में सबसे ज्यादा पढ़े लिखे हैं हिंदू, 36 प्रतिशत हिंदू परिवारों की सालाना आय एक लाख अमेरिकी डॉलर

Source Ndtv अमेरिका में हिंदुओं की आबादी में पिछले सात साल में दस लाख से भी ज्यादा का इजाफा हुआ है और देश में बसे अन्य समूहों के मुकाबले पढ़े लिखे हिंदुओं की तादाद सबसे ज्यादा है। एक नए अध्ययन से यह बात सामने आई है।
  अध्ययन के अनुसार, अमेरिकी हिंदुओं की जनसंख्या 2007 में कुल जनसंख्या का 0.4 प्रतिशत थी, जो 2014 में बढ़कर 0.7 प्रतिशत हो गई। वास्तविक आंकड़ों में देखें तो यह इजाफा दस लाख से अधिक है।
  अध्ययन के अनुसार देश में मुस्लिम आबादी अमेरिका की कुल जनसंख्या का 0.9 प्रतिशत है, जबकि बौद्ध आबादी इस अवधि के दौरान 0.7 प्रतिशत ही बनी रही। वहीं यहूदियों के साथ हिंदू आबादी देश में सबसे शिक्षित समुदाय है, जिनकी प्रति परिवार आय सभी धर्मों के समूहों में सबसे ज्यादा है।
   इस अध्ययन की एक विज्ञप्ति में मंगलवार को यह जानकारी दी गई। इसके अनुसार अमेरिका में तमाम वयस्को में 27 प्रतिशत कॉलेज ग्रेजुएट हैं। इसके मुकाबले हिंदुओं में यह 77 प्रतिशत और यहूदियों में 59 प्रतिशत है।
  इसी तरह देश में 36 प्रतिशत हिंदू परिवारों की सालामा आय एक लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक है, जबकि देश की कुल आबादी में इतनी आय अर्जित करने वाले 19 प्रतिशत हैं।
   अध्ययन के अनुसार 90 प्रतिशत हिंदुओं का कहना है कि वह हिंदू के तौर पर ही पले बढ़े हैं और ऐसे हिंदुओं की तादाद 91 प्रतिशत है, जो जीवनसाथी के तौर पर अपने धर्म के व्यक्ति को ही चुनते हैं। दूसरे किसी धर्म में यह प्रवृत्ति इतनी अधिक नहीं है।

14 बरस के बनवास के बाद सत्ता में लोटा नारनौंद  बीजेपी सरकार में कैप्टन अभिमन्यु बने केबिनेट मंत्री। 

(सोनू शर्मा )हरियाणा के हिसार लोकसभा के अंतर्गत आने वाला नारनौंद हलका 14 साल के बनवास के बाद अब सत्ता का सुख भोगेगा। नारनौंद हलके से 20 साल बाद कोई ऐसा विधायक चुनकर आया है, जिसको कैबिनेट का मंत्री बनाया गया है। इनेलो के गढ़ को भाजपा के कैप्टन अभिमन्यु इस बार भेदने में कामयाब रहे। इससे पहले यहां से इनेलो की सरोज मोर विधायक थी, लेकिन पार्टी ने इस बार उनकी टिकट काटकर उनके पति राजसिंह मोर को प्रत्याशी बनाया था। चुनाव के समय ही हलके में पहले से ही कैप्टन अभिमन्यु को भाजपा में बड़ा पद मिलने की उम्मीद जताई जा रही थी। अब उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाकर लोगों की आस पूरी कर दी गई है। इसके लिए नारनौंद में चर्चा है कि अबकी बार हलके की तस्वीर बदल जाएगी। और इसी के साथ नारनौंद हलके का 14 साल का बनवास खत्म हो गया है। १ सन 1996 में हविपा से जीतकर आए जसवंत सिंह को मंत्री बनाया गया था। उसके बाद सन 2००० में आजाद उम्मीदवार रामभगत शर्मा ने जीत हासिल की थी और प्रदेश में सरकार इनेलो की बनी थी और सन २००५ में भाजपा से रामकुमार गौतम विधायक चुने गए थे और प्रदेश में सरकार कांग्रेस की बनी थी। २००९ में इनेलो से सरोज मोर को जीत हासिल हुई थी और प्रदेश में सरकार लगातार दूसरी बार सरकार कांग्रेस की ही बनी थी। ऐसे में नारनौंद हलका विपक्ष की मार झेल रहा था।

मंगलवार, 12 मई 2015

हरियाणा में अपने स्कूल की बनाई अलग पहचान ,एक अध्यापक ऐसा भी ...........

हरियाणा- हिसार आम तोर पर जहां अंग्रेजी के नाम पर हरियाणा के विद्यार्थियों को पसीना आ जाता है वहीं नारनौंद के राजकीय वरिस्ट माध्यमिक विद्यालय में अंग्रेजी बोलने व समझने वाले विद्यार्थियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। यह सब वहां पर तेनात अतिथि अध्यापक अजय लोहान की मेहनत से सम्भव हो पाया है। यह अध्यापक हरियाणा के हिसार जिले के कस्बे नारनौंद के वार्ड नम्बर आठ के रहने वाले है। अध्यापक अजय लोहान सन 2007 में इस विद्यालय में नियुक्त हुए थे। उस समय विद्यालय में परीक्षा परिणाम का स्तर काफी गिरा हुआ था और न ही इंग्लिश मीडियम था। इन्होने पूर्व प्राचार्य व विद्यालय के अध्यापको के सहयोग से इंग्लिश मीडियम को शुरु किया। बस फिर क्या था इन्होने कभी पीछे मुडकर नहीं देखा और शिक्षा के क्षेत्र में ऐसी मिसाल कायम की कि पहले ही वर्ष नारनौंद के सरकारी स्कूल में बच्चो की संख्या और उनका परीक्षा परिणाम आसमान की ऊँचाइयों को छूने लगा।जब उनसे बच्चो की इस कामयाबी के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि वो  कक्षा में जाते ही इंग्लिश बोलने लगते है और कक्षा से निकलने तक इंग्लिश में ही बोलते रहते है। पाठ्यक्रम की पढाई के साथ साथ वो बच्चो को इंग्लिश स्पीकिंग भी करवाते है जिससे बच्चो की इंग्लिश पर पकड़ बनती गई और वो भी इंग्लिश बोलकर अपने गुरु के मार्ग पर चलते जा रहे है और उन्हें इंग्लिश स्पीकिंग के लिए कहीं और नहीं जाना पड़ता ।उनकी मेहनत की वजह से आज इस विद्यालय के बच्चे इंग्लिश बोलते व समझते तो हैं ही साथ ही हर वर्ष दर्जनों बच्चो के इंग्लिश विषय में 100 में से 100 अंक आते है। ये आज भी बोलने के साथ साथ बच्चो की लिखाई का भी विशेष ध्यान देते है जिसको लेकर हर रोज बच्चो को एक अंग्रेजी का लिखाई का पेज भी देते है। ये अपने शिष्य को पकड़ कर नहीं रखते बल्कि दुनिया के सामने और नया करने का मौका देता है।
   कक्षा में कुर्शी से करते है नफरत - आपने और हमने हर रोज अखबारों में अध्यापको को कुर्सी पर बैठकर समय बिताते जरुर देखा होगा लेकिन क्या कभी ऐसा अध्यापक देखा है जो अपने सात साल की नौकरी के दोरान आज तक एक बार भी कुर्सी पर नही बेठा हो और वो भी सरकारी स्कूल में। जी हाँ ये अध्यापक जितना मन लगाकर बच्चो को पढ़ाते है उतनी ही नफरत कक्षा में कुर्शी पर बेठने से करते है। इन्हें चाहे कॉपी ही क्यों न चेक करनी हो लेकिन ये हमेशा खड़े रहते है। 
  अंग्रेजी ही नहीं हरियाणवी संस्क्रती से भी है लगाव - ऐसा नहीं है कि इस अध्यापक को केवल अंग्रेजी से ही लगाव है बल्कि हरियाणवी संस्क्रती उससे कहीं ज्यादा उनके कण कण में बसी हुई है। हरियाणवी संस्क्रती को बचाने के लिए वो सन 2001 से हरियाणवी डांस कम्पटीशन के साथ साथ अनेक प्रतियोगिता अपने खर्चे से करवाते आ रहे है जिसके कारण लोग उन्हें हरियाणवी संस्क्रती के संरक्षक के रूप में देखते है। 
  अजय लोहान ने किया था सनसनीखेज खुलासा :-  कुछ महीनों पहले अध्यापक अजय लोहान जब बच्चो को कम्पुटर पर भारत का नक्सा करवाने लगे तो जेसे ही उन्होंने भारत के नक्शे को देखा तो उसमे भारत के नक्शे से जम्मू कश्मीर गायब था जिसको देखकर उनकी आँखे खुली की खुली रह गयी थी और सांसे अधर में लटक गयी थी। उन्होंने देखा की नक्शे से जम्मू कश्मीर का आधा हिस्सा ही काट दिया गया है और जम्मू कश्मीर के उस हिस्से में लिखा आता है की ये भारत का हिस्सा नही है। उनके ध्यान के कारण ही हरियाणा सरकार ने तुरंत इस पर ध्यान दिया था और दो दिन में ही पुरे हरियाणा में भारत के नक्शे को ठीक कर दिया था। हरियाणा सरकार ने इस गलती के लिए उच्च अधिकारीयों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की थी। 

सोमवार, 11 मई 2015

बिजली सब्सिडी का किरायेदारों को नही मिल रहा है फ़ायदा

          बिजली सब्सिडी का किरायेदारों को नही मिल रहा है फ़ायदा 

                                                                                                                                                                         (सोनू शर्मा) पिछले काफी दिनों से बिजली की समस्या और बढ़ती महगाई से परेशान। दिल्ली वालो के  लिए उस समय राहत कि खबर आई। जब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने अपना चुनावी वादा पूरा करते हुए। 400 यूनिट तक आधे रेटो पर बिजली देने का ऐलान कर दिया।सरकार के इस फैसले ने उन लोगो को तो खुश कर दिया जिनका दिल्ली में खुद आशियाना है। लेकिन उन लोगो को ये छूट नही मिल पा रही है। जो लोग दूसरे राज्यों से आकर दिल्ली में किराए के मकान में रह कर गुजारा कर रहे है।  उनसे मकान मालिक छूट न देकर आठ से दस रुपए प्रति यूनिट यानी करीब - करीब दो गुना दाम वसूल रहे है। जिन किराएदारो का दिल्ली कि वोटर लिस्ट में नाम है। उनका कहना है कि हमने भी आम आदमी पार्टी को वोट दिया है। इसलिए हमे भी इस छूट का फायदा मिलना चाहिए। बता दे कि दिल्ली सरकार 400 यूनिट तक तक बिजली खर्च करने वाले उपभोगताओं को आधे रेटो पर बिजली दे रही है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल कि दलील है कि इस छूट का लाभ 80 % लोगो को मिलेगा। लेकिन सरकार का ये दावा समझ से दूर है। क्यों कि हकीकत में इस छूट लाखो परिवार वंचित है। दिल्ली सरकार का कहना है कि इस छूट 28 लाख लोगो के घर रोशन होंगे। लेकिन महज 10 लाख परिवारो को ही इसका फायदा मिल रहा है। दिल्ली में बिजली उपभोगताओं कि संख्या 33 लाख के करीब है। अब देखनें वाली बात ये होगी कि दिल्ली सरकार कि इस छूट का फायदा किरायेदारों को मिलेगा या ये छूट कुछ लोगो में सिमट कर रह जाएगी।