शनिवार, 31 अक्टूबर 2015

सुन मैरा ठिकाणा,भारत म हरयाणा ,छोटा प्रदेश बडा है फैमश, सबते न्यारा म्हारा हरयाणा, छोटा प्रदेश पाछ्ये छोड दिये कई देश


(सोनू शर्मा) आज हरियाणा अपना 52 वां जन्मदिन मना रहा है। हरियाणा राज्य का जन्म 1 नवम्बर 1966 को हुआ था।इस से पहले हरियाणा पंजाब का हिस्सा था। जिसे 1966 में भारत के 27 वें राज्य के रूप में पहचान मिलीहरियाणा की राजधानी चण्डीगढ़ है जो कि भारत का सबसे सुंदर शहर माना जाता है।राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली हरियाणा से तीन ओर से घिरी हुई है।वर्तमान में खाद्यान और दुध उत्पादन में हरियाणा देश में प्रमुख राज्य है।इस राज्य के निवासियों का प्रमुख व्यवसाय कृषि है।1960 के दशक की हरित क्रान्ति  में हरियाणा का प्रमुख योगदान रहा जिससे देश खाद्यान सम्पन्न हुआ।
   




 हरियाणा भारत के अमीर राज्यों में से एक है और  प्रति व्यक्ति आय के आधार पर यह देश का दूसरा सबसे धनी राज्य है।इसके अतिरिक्त भारत में सबसे अधिक ग्रामीण करोड़पति भी इसी राज्य में हैं। हरियाणा आर्थिक रूप से दक्षिण एशिया का सबसे विकसित क्षेत्र है।भारत में हरियाणा यात्री कारों, दो पहिया वाहनों और ट्रैक्टरों के निर्माण में सर्वोपरी राज्य है।भारत में प्रति व्यक्ति निवेश के आधार पर वर्ष 2000 से राज्य सर्वोपरी स्थान पर रहा है।हरियाणा दिन प्रतिदिन अपनी प्रतिभा का लोहा विश्व भर में मनवा रहा है।   यह राज्य वैदिक सभ्यता और सिंधु घाटी सभ्यता का मुख्य निवास स्थान रहा है। इस क्षेत्र में विभिन्न निर्णायक लड़ाईयाँ भी हुई हैं।जिसमें भारत का अधिकतर इतिहास समाहित है। इसमें  महाभारत का महाकाव्य युद्ध भी शामिल है। महाभारत का युद्ध  कुरुक्षेत्र में हुआ (इसमें भगवान कृष्ण ने भागवत गीता का वादन किया)। इसके अलावा यहाँ तीन  पानीपत की लड़ाईयाँ हुई।
           

            हरियाणा नाम कैसे पड़ा
हरियाणा का शाब्दिक अर्थ "भगवान का निवास" होता है जो संस्कृत

शब्द हरि (हिन्दू देवता विष्णु) और अयण (निवास) से मिलकर बना 

है। मुनीलाल, मुरली चन्द शर्मा, एच॰ए॰ फड़के और सुखदेव सिंह 

छिब जैसे विद्वानों के अनुसार हरियाणा  में शब्द की 

उत्पति हरि (संस्कृत हरित, हरा) और अरण्य (जंगल) से हुई है।


                        


            खेलों में हरियाणा 


हरियाणा कि बात हो तो खेलो में हरियाणा का नाम कैसे पीछे रह सकता है।हरियाणा के खिलाडी न सिर्फ देश में बल्कि विदेशों में भी तिरंगा फहरा चुके है।हाल ही में हुई रियो ओलंपिक में देश की बेटी साक्षी मलिक भी रियों में तिरंगा फहरा चुकी है और प्रोफेशनल बॉक्सिंग में हरियाणा के भिवानी जिलें के युवा खिलाड़ी विजेन्द्र सिह ने पहली जीत हासिल की है।इसके अलावा हरियाणा में ही जन्मे योगेश्वर दत्त भी रेस्लिंग में अपना दम दिखा चुके है।सुशील कुमार रेस्लिंग,साइना नेहवाल बैडमिंटन,दिनेश कुमार,जगदीश सिंह,मनोज कुमार और विकास यादव बॉक्सिंग में अपना और अपने देश प्रदेश का नाम रोशन कर चुके है।
    








खेलों का जिक्र हो और क्रिकेट कि बात ना हो,क्रिकेट में हरियाणा कैसे किसी से कम रह सकता है।1987 विश्व कप जीतने वाले कपिल देव,चेतन शर्मा,पहला टी20 विश्व कप में जीत हासिल करने वाले जोगेन्द्र शर्मा और हाल ही में अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट से अलविदा कहने वाले विरेन्द्र सहवाग भी हरियाणा जैसे छोटे से प्रदेश से है।विरेन्द्र सहवाग फिलहाल हरियाणा के लिए रणजी खेल रहे है।अजय रात्रा,अमित मिश्रा,आशिष नेहरा,नितिन सैनी,मनविंद्र बिसला,मोहित शर्मा। 



युजवेंद्र चहल हरियाणा के जींद जिले के रहने वाले है उनके एडवोकेट पिता केके चहल का सपना था कि उनका इकलौता बेटा क्रिकेटर बने और इंडिया के लिए खेले। इसके लिए उन्होंने कम मेहनत नहीं की। खेत में पिच बनाकर बेटे को प्रैक्टिस कराया। स्टेडियम घर से दूर था और वहां पूरी सुविधाएं नहीं थीं। युजवेंद्र 6-7 साल की उम्र से क्रिकेट खेलने लगा था। पढ़ाई में मन लगता नहीं था।2004 में क्रिकेट के प्रति उसका लगाव देखकर मैंने अपने डेढ़ एकड़ खेत में उसके लिए पिच बनवाई। यहीं वह सुबह-शाम प्रैक्टिस करता था।2011 तक उसने खेत में ही प्रैक्टिस की। जब उसका अंडर-19 में सिलेक्शन हुआ तो मुझे पहली बार लगा कि एक दिन हमारा सपना जरूर सच होगा।युजवेंद्र लेग स्पिनर होने के साथ एक उम्दा ऑलराउंडर भी हैं। 



हिमाचल के खिलाफ रणजी में 152 रनों की यादगार पारी खेल चुके हैं।आईपीएल के इस सीजन में तो अब तक के सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं।बेटे की सफलता से खुश माता- पिता ने कहा, ‘आखिर युजवेंद्र की मेहनत रंग लाई। हमारा सपना बस पूरा होने को है,19 विकेट लेकर आईपीएल के इस सीजन में अब तक नंबर वन गेंदबाज।11मैच खेले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के लिए।2015 में भी आरसीबी के सबसे अधिक विकेट लेने वाले बॉलर रहे।उस सीजन में 15 मैचों में 23 विकेट लिए थे।ओवरऑल आईपीएल सीजन के तीसरे बेस्ट बॉलर बनें। 

देश का राष्ट्रीय खेल माना जाने वाला हॉकी में भी हरियाणा के युवा किसी से कम नही है।जसजीत कौर हांडा,ममता खर्ब,प्रतीम रानी सिवाच,सदींप सिंह सैनी,सीता गुसीन,सुमन बाला,सुरेन्द्र औरे सविता पुनिया आदि खिलाडी हरियाणा की तरफ से हॉकी खेल चुके है।

          

     हिंदुस्तान का GOOGLE BOY है 6 साल का                                     कौटिल्य

हरियाणा  के करनाल जिले के कोहण्ड गांव का रहने वाल करीब छह साल बालक कौटिल्य अद्भुत दिमाग का धनी है। कौटिल्य देश-विदेश के भूगोल और सामान्य ज्ञान के बारे में ऐसे बताता है कि बड़े-बड़े के छक्के छूट जाएंगे।इस बालक की उम्र अभी सिर्फ 5 साल आठ महीने ही है, लेकिन उससे कहीं से कुछ भी पुछ लो, वह उस सवाल का एक दम सटीक जवाब देता है। कौटिल्य को दुनिया के देश और प्रदेश की जानकारी जुबानी याद है।पहली क्लास में पढ़ने वाला कौटिल्य से किसी भी नदी, पहाड़, राज्य, नामचीन हस्तियों आदि के बारे में पूछने पर, वह पलक झपकते ही उसका जवाब दे देता है।




         धरती से आसमान तक हरियाणा
 हरियाणा की बेटी कल्पना चावला का नाम कौन भुल सकता है।जिसने तिरंगे को न सिर्फ जमीन पर बल्कि आसमान में भी फहरा कर अपने देश का नाम रोशन कर दिया।जिससे ये पता चलता है कि हरियाणा की बेटियां भी किसी से कम नही है।वही हरियाणा की एक बेटी सतोंष यादव भी है जो माउंट एवरेस्ट पर तिंरगा फहरा चुकी है।



              
              'बॉलिवुड' में हरियाणा

गंगाजल फिल्म में सुंदर यादव के नाम से फेमस यशपाल शर्मा हरियाणा के हिसार से है।जिन्होने बोलीवुड की काफी फिल्मों में काम किया है।फिल्म अभिनेत्री जूही चावला,मल्लिका सेहरावत,सुनील दत्त,जगत जाखड़,जयदीप अहलावत,मनीष जोशी बिसमिल,ओमपुरी,परिणीति चोपड़ा,राजकुमार राव,रणदीप हुडडा,उषा शर्मा,यश टोंक,विजय वर्मा,गजेन्द्र फोगाट,विकास शर्मा और हाल ही में हिट फिल्म मेसेंजर आफॅ दा गाड़ॅ देने वाले संत गुरमीत राम रहीम सिंह भी हरियाणा से है।जो कि बॉलिवुड में हरियाणा के नाम की धुम मचा चुके है।


वहीं मशहूर गीतकार भाजे भगत,संत गुरमीत राम रहीम सिंह,गजेन्द्र वर्मा,गुलाम फरीद साबरी,जसराज पड़ित,लक्ष्मी चंद और जाने माने सिंगर सोनू निगम भी हरियाणा में ही जन्में है।


             
              सफल उघोगपति

नवीन जिंदल,सुभाष चन्द्रा,सजन जिंदल,चेती लाल वर्मा और समीर गुलाटी,बाबा रामदेव जैसे सफल बिजनसमैन भी हरियाणा से ही है।जो कि काफी लोगों को रोजगार मुहेया करवा रहे है।

    
      नेतागिरी में भी हरियाणा किसी से कम नहीं,
       दो देशों के पूर्व प्रधानमंत्री भी म्हारे,
बात देश पर राज करने कि हो तो वहां भी हरियाणा किसी से कम नही है।देश के उप-प्रधानमंत्री ताऊ देवीलाल,विदेश मंत्री सुषमा स्वराज जो कि पहले दिल्ली की मुख्यमंत्री भी रह चुकी है और 25 साल की कम उम्र में मंत्री बनने का रिकार्ड भी उन्ही के नाम है।


          
पूर्व सेना अध्यक्ष व जनरल वीके सिंह यू.पी के गाजियाबाद से सांसद है और मोदी कैबिनेट विदेश राज्य मंत्री है।बीरेन्द्र सिंह ग्रामीण विकास मंत्री और राव इन्द्रजीत सिंह भी मोदी कैबिनेट का हिस्सा है।


एतिहासिक जीत हासिल करने वाली आम आदमी पार्टी के सयोंजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हरियाणा के सिवानी से है।दिल्ली विधानसभा में 10 से 15 ऐसे विधायक है जिन्होनें हरियाणा कि धरती पर जन्म लिया है।


इसके अलावा हरियाणा के पहले और पूर्व मुख्यमंत्री पडिंत भगवत दयाल शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री राव बीरेन्द्र सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री बसींलाल, पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला, पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुडडा और देश के सबसे कम उम्र के सासंद दुष्यंत चौटाला आदि हरियाणा से ही है जो कि केन्द्र में हरियाणा का प्रतिनिधित्व करते है।


         

           विदेशों में भी किया नेतृत्व

पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री नवाबजादा लियाकत अली खान,फिजी के पूर्व प्रधानमंत्री महेंद्रा चौधरी,पाकिस्तान के पूर्व रक्षामंत्री राव सिकंदर इकबाल और हाल ही में नार्वे में मंत्री बनी अंजु चौधरी भी हरियाणा से ही है।





             बार्डर पर हरियाणा

जब बात देश कि रक्षा करने की हो तो हमारे हरियाणा के जवान यहां भी किसी से कम नही है।सेना में हर दसवां जवान हरियाणा से है।कारगिल युद्ध में भी हरियाणा अपना दम दिखा चुका है।हरियाणा से सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह के रिटायर होने के बाद हरियाणा में ही जन्मे सेना अध्यक्ष जनरल दलबीर सिंह सुहाग अपनी सेवाएं दे चुके हैं। 

रविवार, 25 अक्टूबर 2015

गाय से गंदगी तक राजनीति

ये फ़ोटो देश की राजधानी दिल्ली का है। इस फोटो में दिल्ली के पत्रकार आपको कूड़े के ढेर या सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से फ़ैली गंदगी दिखा रहे होंगें।मै आपको यहाँ गाय के हालात दिखाना चाहता हूँ।गायों की ये हालात वहां की है जहाँ गाय के नाम पर राजनीति करने वाली बीजेपी का हेड ऑफिस,आरएसएस,विश्व हिन्दू परिषद और काफी गौशाला यहाँ मौजूद है।सबसे बड़ी बात तो दादरी में जा कर राजनीति करने वाले अरविंद केजरीवाल भी यहां के मुख्यमंत्री है।
मै पूछना चाहता हूँ इन्होंने दिल्ली में गायों के लिए क्या किया है ?
ये लोग सिर्फ गाय के नाम पर राजनीति करते है।
आजकल इनकी राजनीति
दाल
दलित
धर्म
दंगा
पर आकर रुक गई है।

शनिवार, 10 अक्टूबर 2015

माँ की दुआ आई काम

विजेंदर कुमार के हरियाणवी मुक्के के आगे ढेर हुआ सोनी वाइटनिंग।आज अपना पहला प्रोफेशनल मैच खेल रहे हरियाणा के रहने वाले विजेंदर कुमार ने किसी को एहसास ही नही होने दिया कि वो जिंदगी में पहली बार प्रोफेशनल रिंग में उत्तर रहे हैं।विजेंदर कुमार ने बड़ी ही आसानी से हरा दिया सोनी वाइटनिंग को| मैच को बीच में ही रोक रेफरी को करना पड़ा विजेंदर कुमार को विजेता घोषित-विजेंदर के मुक्के के आगे मैच का वक्त खत्म होने से पहले ही चित हुआ पॉलैंड का रेसलर सोनी वाइटनिंग| माँ की दुआ आई काम-विजेंदर ने मुकाबले से पहले अपनी माँ से कहा था कि माँ चिंता मत करना बस दुआ करना,विजेंदर की जीत के बाद पूरे हरियाणा समेत देश में उत्साह का माहौल|

रविवार, 4 अक्टूबर 2015

भीम सिहं मेरे साथी ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌.......


                                      एक थे भीम सिंह बडाला.......



                  

आज का ब्लॉग लिखते समय अपने आप को काफी दुःखी महसूस कर रहा हूँ क्योंकि कल हमारे साथी भीम सिंह बडाला हमें छोड़ कर चले गए।भीम सिंह एक निडर,निष्पक्ष व जिंदादिल पत्रकार थे। भीम सिंह करीब 15 वर्षो से नारनौंद व हाँसी में पत्रकारिता कर रहे थे।पिछले 5 वर्षो से ए वन तहलका,खबरें अभी तक,ईटीवी और टोटल टीवी से जुड़े हुए थे।  इलेक्ट्रॉनिक व प्रिंट मीडिया में अपनी छाप छोड़ने वाले भीम सिंह का शनिवार को उनके गाँव बडाला में निधन हो गया। मुझे ये जानकर बड़ी हैरानी हुई कि भीम सिंह का निधन कैंसर की बीमारी के कारण हुआ है।जिस इंसान ने कभी भी कोई नशे की चीज का प्रयोग नहीं किया हो उसको कैंसर हो जाएं।मुझे आज भी याद है, जब मै भीम सिंह के साथ घर आते समय उनकी गाड़ी में बैठ कर आया था.… तो खरकड़ा गाँव के एक आदमी ने गाड़ी में बीड़ी जला ली थी तो भीम सिंह ने उनको गाड़ी से ही उतार दिया था।दूसरी घटना जब मुझे किसी ने बताया कि आज भीम सिंह के साथ बस में बाँस गाँव के लड़के ने झगड़ा किया है तभी मैने उनके पास कॉल कि तो पता लगा कि वो झगड़ा भी सिगरेट को लेकर ही हुआ था।कल से यही सोच कर हैरान हूँ कि जिस इंसान को नशे से इतनी नफरत हो उसको कैंसर कैसे हो सकता है ?

           जब मै हाँसी में टीवी 24 के लिए काम करता था, तब मुझे भीम सिंह के साथ 2 महीने काम करने का मौका मिला था।उसके बाद मै नारनौंद चला गया था।उनका काम करने का तरीका भी काफी अलग ही था वो एक साथ कई - कई स्टोरी कवर करते थे।हाँसी में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के वो इकलौते ऐसे पत्रकार थे जो काफी पुराने व कई न्यूज़ चैनलों से जुड़े हुए थे।उन्होंने हमेशा ही सच का साथ दिया इस कारण उनके विरोधी भी ज्यादा थे।वो ग्रुप की बजाय अकेले ही काम करने में विश्वास रखते थे। भीम सिंह के ऐसे छोड़ कर चले जाने से पत्रकारिता जगत को कितनी हानि हुई है इसको शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।

          अब तो बस इस बात का दुःख है कि अगर मुझे ये पता चल जाता की भीम सिंह बीमार है तो मै उनसे मिलने जरूर जाता।क्योंकि मै पिछले 3 महीने से दिल्ली हूँ इस कारण मुझे पता नही चला।अब भगवान से यही प्रार्थना है कि भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे और उनके परिवार को इस दुःख की घड़ी में सहनशक्ति दे।