(सोनू शर्मा )मेरे हिसाब से आज़ादी का असली मतलब तो वो होता है जब हर हाथ को काम,भूखे को रोटी और हर सिर को छत मिले।
ये कैसी आज़ादी जब किसी की आवाज़ को ही कुचल दिया जाता है।जहाँ कुत्ते को बिस्किट और इंशान को रोटी ना मिले।इस देश में आज अमीर आदमी अमीर होता जा रहा है और ग़रीब बेचारा गरीब होता जा रहा है।मुझे उमीद है अगली बार 15 अगस्त तक काफी सुधार होगा सच में लोगो को आज़ादी मिलेगी।उस भोग का क्या फ़ायदा जब पडोसी ही भूखा हो ?
आप सभी देशवासियों स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
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