बीजेपी कि सत्ता में आठ जिलों की नहीं है कोई भागीदारी।
रोड जाति को छोड़ अन्य सभी जातियों को सत्ता में मिला पद Sonupandat.blogspot.com
(सोनू शर्मा) हरियाणा विधानसभा में हुए चुनाव में BJP सरकार मेँ13 जातियों के 47 विधायक जीते थे। इनमें से मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 12 जातियों के विधायकों को सरकार में भागीदार बना दिया है। यह अलग बात है कि सत्ता में आठ जिलों की कोई भागीदारी नहीं है। पंजाबी, सैनी और राजपूत समुदाय के आधे विधायक सत्ता में भागीदार बन गए हैं,जबकि जाट, यादव समुदाय के 33 फीसदी, वैश्य समुदाय के 40 फीसदी और अनुसूचित जाति के सिर्फ 20 फीसदी विधायक सत्ता के भागीदार बने हैं। BJP हाईकमान और मुख्यमंत्री के बीच हुई चर्चा के बाद तय हुआ है कि सभी जातियों को सरकार में प्रतिनिधित्व दिया जाए। सबसे ज्यादा अनुसूचित जाति के 10 विधायक बने हैं। इनमें से दो कृष्ण पंवार और कृष्ण कुमार बेदी को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। वैश्य समुदाय के सात विधायक जीते हैं, जिनमें से दो कविता जैन और घनश्याम सर्राफ को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है जबकि डॉ. कमल गुप्ता को मुख्य संसदीय सचिव बनाया गया है। पंजाबी, यादव और जाट समुदाय के 6-6 विधायक जीते हैं। पंजाबी समुदाय के दो मुख्यमंत्री मनोहर लाल और कैबिनेट मंत्री अनिल विज मंंत्रिमंडल में शामिल हैं जबकि सीमा त्रिखा को मुख्य संसदीय सचिव बनाया गया है। यादव समुदाय के दो राव नरबीर सिंह और बिक्रम सिंह ठेकेदार को मंत्रिंमडल में शामिल किया गया है। इसी तरह जाट समुदाय के कैप्टन अभिमन्यु और ओमप्रकाश धनखड़ को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। ब्राह्मण समुदाय के 4 विधायक जीते हैं मगर एक राम बिलास शर्मा को ही मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। कांबोज, जट सिख, गुर्जर और रोड जाति के एक-एक विधायक बने हैं। मगर रोड को छोड़ अन्य को सत्ता में भागीदारी दी गई है। कर्ण देव कांबोज को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है जबकि कंवर पाल गुर्जर को हरियाणा विधानसभा के स्पीकर की जिम्मेवारी दी गई है। राजपूत और सैनी समुदाय के 2-2 विधायक बने हैं। उनमें से एक-एक नायब सैनी को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है जबकि श्याम सिंह राणा को मुख्य संसदीय सचिव बनाया गया है।
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