सोमवार, 27 जुलाई 2015

पूर्व राष्‍ट्रपति अब्‍दुल कलाम आजाद का निधन

 पूर्व राष्‍ट्रपति और अब्‍दुल कलाम आजाद का निधन हो गया है। वह शिलांग में एक लेक्‍चर देने के लिए गए थे। 83 साल के कलाम की शिलांग में आईआईएम में लेक्‍चर देने गए थे लेकिन वहीं पर भाषण देने के दौरान वह बेहोश होकर गिर पड़े।

जानकारी के अनुसार, उन्‍हें वहां के ही एक अस्‍पताल में 7 बजे भर्ती कराया गया था। सूत्रों ने बताया कि उनकी ब्‍लड प्रेशर और दिल की धड़कन एकदम से कम हो गई थी जिसके बाद उन्‍हें आईसीयू में भर्ती कराया गया।

18 जुलाई, 2002 को डॉक्टर कलाम को नब्बे प्रतिशत बहुमत द्वारा 'भारत का राष्ट्रपति' चुना गया था और इन्हें 25 जुलाई 2002 को संसद भवन के अशोक कक्ष में राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई गई। इस संक्षिप्त समारोह में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, उनके मंत्रिमंडल के सदस्य तथा अधिकारीगण उपस्थित थे। इनका कार्याकाल 25 जुलाई 2007 को समाप्त हुआ।

भारत के अब तक के सर्वाधिक लोकप्रिय व चहेते राष्ट्रपतियों में से एक डॉ. अबुल पाकिर जैनुलआब्दीन अब्दुल कलाम ने तमिलनाडु के एक छोटे से तटीय शहर रामेश्वरम में अखबार बेचने से लेकर भारत के राष्ट्रपति पद तक का लंबा सफर तय किया है। पूर्व राष्ट्रपति अवुल पकिर जैनुल्लाब्दीन अब्दुल कलाम को पूरा देश एपीजे अब्दुल कलाम के नाम से जानता था। वैज्ञानिक और इंजीनियर कलाम ने 2002 से 2007 तक 11वें राष्ट्रपति के रूप में देश की सेवा की। मिसाइल मैन के रूप में प्रसिद्ध कलाम देश की प्रगति और विकास से जुड़े विचारों से भरे व्यक्ति थे।

एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु के रामेश्वरम में हुआ। पेशे से नाविक कलाम के पिता ज्यादा पढ़े लिखे नहीं थे। ये मछुआरों को नाव किराये पर दिया करते थे। पांच भाई और पांच बहनों वाले परिवार को चलाने के लिए पिता के पैसे कम पड़ जाते थे इसलिए शुरुआती शिक्षा जारी रखने के लिए कलाम को अखबार बेचने का काम भी करना पड़ा। आठ साल की उम्र से ही कलाम सुबह 4 बचे उठते थे और नहाकर गणित की पढ़ाई करने चले जाते थे। सुबह नहाकर जाने के पीछे कारण यह था कि प्रत्येक साल पांच बच्चों को मुफ्त में गणित पढ़ाने वाले उनके टीचर बिना नहाए आए बच्चों को नहीं पढ़ाते थे। ट्यूशन से आने के बाद वो नमाज पढ़ते और इसके बाद वो सुबह आठ बजे तक रामेश्वरम रेलवे स्टेशन और बस अड्डे पर न्यूज पेपर बांटते थे।

कलाम ‘एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी’ में आने के पीछे अपनी पांचवी क्लास के टीचर सुब्रह्मण्यम अय्यर को बताते थे। वो कहते हैं, ‘वो हमारे अच्छे टीचर्स में से थे। एक बार उन्होंने क्लास में पूछा कि चिड़िया कैसे उड़ती है? क्लास के किसी छात्र ने इसका उत्तर नहीं दिया तो अगले दिन वो सभी बच्चों को समुद्र के किनारे ले गए, वहां कई पक्षी उड़ रहे थे। कुछ समुद्र किनारे उतर रहे थे तो कुछ बैठे थे, वहां उन्होंने हमें पक्षी के उड़ने के पीछे के कारण को समझाया, साथ ही पक्षियों के शरीर की बनावट को भी विस्तार पूर्वक बताया जो उड़ने में सहायक होता है। उनके द्वारा समझाई गई ये बातें मेरे अंदर इस कदर समा गई कि मुझे हमेशा महसूस होने लगा कि मैं रामेश्वरम के समुद्र तट पर हूं और उस दिन की घटना ने मुझे जिंदगी का लक्ष्य निर्धारित करने की प्रेरणा दी। बाद में मैंने तय किया कि उड़ान की दिशा में ही अपना करियर बनाऊं। मैंने बाद में फिजिक्स की पढ़ाई की और मद्रास इंजीनियरिंग कॉलेज से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में पढ़ाई की।’

1962 में कलाम इसरो में पहुंचे। इन्हीं के प्रोजेक्ट डायरेक्टर रहते भारत ने अपना पहला स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान एसएलवी-3 बनाया। 1980 में रोहिणी उपग्रह को पृथ्वी की कक्षा के समीप स्थापित किया गया और भारत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष क्लब का सदस्य बन गया। कलाम ने इसके बाद स्वदेशी गाइडेड मिसाइल को डिजाइन किया। उन्होंने अग्नि और पृथ्वी जैसी मिसाइलें भारतीय तकनीक से बनाईं। 1992 से 1999 तक कलाम रक्षा मंत्री के रक्षा सलाहकार भी रहे। इस दौरान वाजपेयी सरकार ने पोखरण में दूसरी बार न्यूक्लियर टेस्ट भी किए और भारत परमाणु हथियार बनाने वाले देशों में शामिल हो गया। कलाम ने विजन 2020 दिया। इसके तहत कलाम ने भारत को विज्ञान के क्षेत्र में तरक्की के जरिए 2020 तक अत्याधुनिक करने की खास सोच दी गई। कलाम भारत सरकार के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार भी रहे।

1982 में कलाम को डीआरडीएल (डिफेंस रिसर्च डेवलपमेंट लेबोरेट्री) का डायरेक्टर बनाया गया। उसी दौरान अन्ना यूनिवर्सिटी ने उन्हें डॉक्टर की उपाधि से सम्मानित किया। कलाम ने तब रक्षामंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. वीएस अरुणाचलम के साथ इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम (आईजीएमडीपी) का प्रस्ताव तैयार किया। स्वदेशी मिसाइलों के विकास के लिए कलाम की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई।

इसके पहले चरण में जमीन से जमीन पर मध्यम दूरी तक मार करने वाली मिसाइल बनाने पर जोर था। दूसरे चरण में जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल, टैंकभेदी मिसाइल और रिएंट्री एक्सपेरिमेंट लॉन्च वेहिकल (रेक्स) बनाने का प्रस्ताव था। पृथ्वी, त्रिशूल, आकाश, नाग नाम के मिसाइल बनाए गए। कलाम ने अपने सपने रेक्स को अग्नि नाम दिया। सबसे पहले सितंबर 1985 में त्रिशूल फिर फरवरी 1988 में पृथ्वी और मई 1989 में अग्नि का परीक्षण किया गया। इसके बाद 1998 में रूस के साथ मिलकर भारत ने सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल बनाने पर काम शुरू किया और ब्रह्मोस प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना की गई। ब्रह्मोस को धरती, आसमान और समुद्र कहीं भी दागी जा सकती है। इस सफलता के साथ ही कलाम को मिसाइल मैन के रूप में प्रसिद्धि मिली और उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।

कलाम को 1981 में भारत सरकार ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, पद्म भूषण और फिर, 1990 में पद्म विभूषण और 1997 में भारत रत्न प्रदान किया। भारत के सर्वोच्च पर पर नियुक्ति से पहले भारत रत्न पाने वाले कलाम देश के केवल तीसरे राष्ट्रपति हैं। उनसे पहले यह मुकाम सर्वपल्ली राधाकृष्णन और जाकिर हुसैन ने हासिल किया।

गुरुवार, 23 जुलाई 2015

बीजेपी सरकार में आठ जिलो को नहीं मिली भागीदारी

बीजेपी कि सत्ता में आठ जिलों की नहीं है कोई भागीदारी।
रोड जाति को छोड़ अन्य सभी जातियों को सत्ता में मिला पद Sonupandat.blogspot.com

(सोनू शर्मा) हरियाणा विधानसभा में हुए चुनाव में BJP सरकार मेँ13 जातियों के 47 विधायक जीते थे। इनमें से मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 12 जातियों के विधायकों को सरकार में भागीदार बना दिया है। यह अलग बात है कि सत्ता में आठ जिलों की कोई भागीदारी नहीं है। पंजाबी, सैनी और राजपूत समुदाय के आधे विधायक सत्ता में भागीदार बन गए हैं,जबकि जाट, यादव समुदाय के 33 फीसदी, वैश्य समुदाय के 40 फीसदी और अनुसूचित जाति के सिर्फ 20 फीसदी विधायक सत्ता के भागीदार बने हैं। BJP हाईकमान और मुख्यमंत्री के बीच हुई चर्चा के बाद तय हुआ है कि सभी जातियों को सरकार में प्रतिनिधित्व दिया जाए। सबसे ज्यादा अनुसूचित जाति के 10 विधायक बने हैं। इनमें से दो कृष्ण पंवार और कृष्ण कुमार बेदी को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। वैश्य समुदाय के सात विधायक जीते हैं, जिनमें से दो कविता जैन और घनश्याम सर्राफ को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है जबकि डॉ. कमल गुप्ता को मुख्य संसदीय सचिव बनाया गया है। पंजाबी, यादव और जाट समुदाय के 6-6 विधायक जीते हैं। पंजाबी समुदाय के दो मुख्यमंत्री मनोहर लाल और कैबिनेट मंत्री अनिल विज मंंत्रिमंडल में शामिल हैं जबकि सीमा त्रिखा को मुख्य संसदीय सचिव बनाया गया है। यादव समुदाय के दो राव नरबीर सिंह और बिक्रम सिंह ठेकेदार को मंत्रिंमडल में शामिल किया गया है। इसी तरह जाट समुदाय के कैप्टन अभिमन्यु और ओमप्रकाश धनखड़ को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। ब्राह्मण समुदाय के 4 विधायक जीते हैं मगर एक राम बिलास शर्मा को ही मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। कांबोज, जट सिख, गुर्जर और रोड जाति के एक-एक विधायक बने हैं। मगर रोड को छोड़ अन्य को सत्ता में भागीदारी दी गई है। कर्ण देव कांबोज को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है जबकि कंवर पाल गुर्जर को हरियाणा विधानसभा के स्पीकर की जिम्मेवारी दी गई है। राजपूत और सैनी समुदाय के 2-2 विधायक बने हैं। उनमें से एक-एक नायब सैनी को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है जबकि श्याम सिंह राणा को मुख्य संसदीय सचिव बनाया गया है।

रविवार, 19 जुलाई 2015

विदेशो से सिर्फ मैडल ही नहीं बहुए भी लेकर आ रहे है हरियाणा के छोरे,

विदेशो से सिर्फ मैडल ही नहीं बहुए भी लेकर आ रहे है हरियाणा के छोरे,हरियाणा के गावँ में छाई विदेशी बहुए,प्यार के आगे हिंदी व अंग्रेजी भी नहीं बनी बाधा।हिंदी से पहले बोलने लगी हरयाणवी।
   (सोनू शर्मा ) जहां हरियाणा देश का सबसे कम लिंगानुपात यानी कि प्रति 1000 मर्दों के पीछे 879 महिलाओं वाला राज्य है, वहीं बाल्टीमोर में आज काले रंग की महिला मेयर बनी हुई है, लेकिन इन सब बातों के बावजूद बाल्टीमोर की 33 वर्षीय लड़की चानिता डोविल रोबसन को कछवा गांव के 23 वर्षीय कम्प्यूटर इंजीनियर प्रवीण धनकड़ से शादी करने से कोई नहीं रोक सका।
    अमरीकी सामाजिक कार्यकत्र्ता रोबसन और हरियाणवी लड़के का फेसबुक पर एक-दूसरे से प्यार हो गया और दोनों गत शुक्रवार परिणय सूत्र मेें बंध गए। ऐसा करके उन्होंने कई परम्परागत जीवन मूल्यों की उलटबांसी लगवा दी। चानिता न केवल आयु में प्रवीण से बड़ी है बल्कि वह एक नीग्रो महिला भी है।
   धनकड़ एक पुलिस कांस्टेबल का बेटा है। उसका कहना है कि उसके पिता ने प्रारम्भ में इस शादी पर एतराज जताया था लेकिन जब मैं अपनी बात पर अड़ा रहा तो वह मान गए। विवाह की रस्म पूर्ण हिन्दू रीति-रिवाजों और सात फेरों सहित सम्पन्न हुर्ई।
   चानिता विदेशी बहुओं के उस छोटे से लेकिन तेजी से बढ़ रहे कुनबे का अंग है जिन्होंने हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी मोहब्बत की तलाश की है। इस प्रक्रिया दौरान उन्होंने भारत के सबसे अधिक परम्परावादी समाजों में से एक की सीमाओं की भी थाह पा ली है।  
जींद के गांव छतड़ के राष्ट्रीय कबड्डी टीम के खिलाड़ी राजू पहलवान से शादी करवाने वाली कैलीफोॢनया की 35 वर्षीय जूना पोलाइन्स ने बताया ‘‘यहां कोई भी मुझे घूंघट निकालने को नहीं कहता।’’ 
राजू पहलवान ने कहा, ‘‘यहां तक कि मेरी 55 वर्षीय मां आज तक अपने सिर से दुपट्टा नीचे नहीं आने देती, लेकिन मेरी पत्नी तो एक अन्य समाज में से आई है जहां कोई पर्दा नहीं करता।’’ गौरतलब है कि राजू पहलवान भी अपनी पत्नी से उम्र में 5 वर्ष छोटा है। 
जूना अपने पति के परिवार के साथ स्थानीय मन्दिर में पूजा करने जाती है। उसका कहना है, ‘‘यहां लोग बहुत अच्छे हैं और मैं इस स्थान को बहुत प्यार करती हूं।’’ इन दोनों की शादी भी फेसबुक के माध्यम से ही हुई। भाषा का फर्क भी दोनों के बीच किसी प्रकार का अवरोध नहीं बन सका। दोनों ही टूटी-फूटी हिन्दी और अंग्रेजी के साथ ढेर सारे संकेतों का उपयोग करके काम चला लेते हैं।

शनिवार, 18 जुलाई 2015

क्या बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ को सफ़ल बना पाएगी परिणीति चोपड़ा ? परिणीति चोपड़ा को प्रदेश की ब्रांड अंबेसडर बनाने से सरकार के मंत्री नाराज,

क्या कहा मल्लिका ने देखे वीडियो
क्या बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ को सफ़ल बना पाएगी परिणीति चोपड़ा ?
परिणीति चोपड़ा को प्रदेश की ब्रांड अंबेसडर बनाने से सरकार के मंत्री नाराज,
क्या बिना मंत्रियो की सलाह के बना दिया परिणीति को ब्रांड अंम्बेसडर
मल्लिका सहरावत ने किया था हरियाणा के लिए फ्री में योगदान देने का ऐलान ,अपने शो की शूटिंग के दौरान नारनौंद में पत्रकार वार्ता में किया था ऐलान हरियाणा के सहयोग के लिए हर समय हूँ तैयार।
          न्यूज़
(सोनू शर्मा ) हरियाणा की मनोहर सरकार ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना को साकार करने के लिए प्रदेश की बेटी और जानी-मानी फिल्म अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा को अभियान का ब्रांड अंबेसडर बनाया है। परिणीति मूल रूप से अंबाला की रहने वाली हैं। वह फिल्म अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा की वे चचेरी बहन हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजना को प्रदेश में गति प्रदान करने के लिए यह निर्णय किया गया है।
परिणीति कई पुरस्कार अर्जित कर चुकी हैं। उन्होंने फिल्मफेयर और राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी जीता है। 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान को जोर-शोर से आगे बढ़ाने के लिए 21 जुलाई को गुडग़ांव में सरकार बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है। इस कार्यक्रम में बालीवुड अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा भी उपस्थित रहेंगी।
फिल्म अभिनेत्री माधुरी दीक्षित अभियान की राष्ट्रीय ब्रांड अंबेसडर हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने जब इस वर्ष पानीपत से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना की शुरू की थी तो वह इस मौके पर मौजूद थीं। हरियाणा बेटियों की भ्रूण हत्या को लेकर बदनाम है। प्रदेश के कई जिलों लड़कों व लड़कियों का अनुपात काफी कम है।

प्रदेश में अवैध रूप से चल रहे अल्ट्रासाउंड केंद्रों में लिंग जांच कराकर बेटियों को कोख में ही मार दिया जाता है। कन्या भ्रूण हत्या के कई मामले सामने भी आ चुके हैं। मोदी ने हरियाणा से इसलिए ही योजना की शुरूआत की थी ताकि देश के साथ प्रदेश में लिंगानुपात सुधारा जा सके। योजना में राज्य के 12 जिले शामिल हैं।

मनोहर सरकार ने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी फिल्मों के जरिए पहचान बनाने वाली परिणीति को इस अभियान से जोड़ा है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश की इस बेटी के जरिए हर मां-बाप को ये संदेश देना है कि बेटियों की अच्छी परवरिश की जाए तो वे किसी भी क्षेत्र में कम नहीं हैं।

'लेडीज वर्सेज रिकी बहल' फिल्म से बालीवुड में पदार्पण करने वाली बिंदास गर्ल परिणीति चोपड़ा का जन्म 22 अक्टूबर 1988 को अंबाला में हुआ। परिणीति के पिता पवन चोपड़ा अंबाला कैंट में भारतीय थल सेना के पूर्ति कर्ता हैं। मां का नाम रीना चोपड़ा है।

परिणीति बैंक निवेश कर्ता बनना चाहती थीं, लेकिन मैनचेस्टर बिजनेस स्कूल से व्यापार, वित्त व अर्थशास्त्र में सनद उपाधि प्राप्त करने के बाद 2009 की आर्थिक मंदी में स्वदेश वापस लौट आईं। यहां परिणीति यश राज फिल्मस में जनसंपर्क सलाहकार के रूप में जुड़ गईं। बाद में इसी कंपनी की तीन फिल्में साइन कीं।

लेडीज वर्सेज रिक्की बहल में परिणीति को फिल्म फेयर पुरस्कार मिल चुका है। इश्कजादे में उन्हें उनके अभिनय के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से नवाजा गया। शुद्ध देशी रोमांस, हंसी तो फंसी, दावत-ए-इश्क, किल दिल परिणीति की प्रमुख फिल्में हैं।

बुधवार, 15 जुलाई 2015

दिल्ली में आज भी बिकती है मौत की मैगी

(सोनू शर्मा)
दिल्ली में आज भी बिकती है मौत की मैगी,गेस्ट हाउस में बच्चों को परोशी जाती है मैगी।सरकार ने लगा रखा है दिल्ली में मैगी पर बैन,क्या दिल्ली मेँ ऐसे ही बिकती रहेगी मौत कि मैगी।
एंकर - क्या हुआ जानकर हैरान रह गए। जी हाँ दिल्ली के गेस्ट हॉउस में बच्चों को आज भी मैगी परोशी जाती है ।भले ही केंद्र व दिल्ली सरकार ने मैगी पर रोक लगा रखी हो लेकिन दिल्ली में मैगी ढूंढने पर आसानी से मिल जाती है।वही नेस्ले का वो दावा भी झूठा साबित हुआ जिसमे कंम्पनी की तरफ से ये कहा गया था क़ि हमने मैगी को दिल्ली के बाज़ार से उठवा लिया है।

रविवार, 12 जुलाई 2015

उफा, रूस में भारत और पाकिस्‍तान के विदेश सचिवों का बयान

उफा, रूस में भारत और पाकिस्‍तान के विदेश सचिवों का बयान 

(सोनू शर्मा) उफा में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्‍मेलन के दौरान पाकिस्‍तान और भारत के प्रधानमंत्रियों की बैठक हुई। बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्‍पन्‍न हुई। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय और क्षेत्रीय हित से जुड़े मामलों पर विचार-विमर्श किया।
       उन्‍होंने इस बात पर सहम‍ति व्‍यक्‍त की कि शांति सुनिश्चित करना और विकास को प्रोत्‍साहन देना भारत और पाकिस्‍तान की सामूहिक जिम्‍मेदारी है। ऐसा करने के लिए, वे सभी लम्बित मामलों पर चर्चा करने को तैयार हैं।
     दोनों नेताओं ने आतंकवाद के सभी स्‍वरूपों की निंदा की और दक्षिण एशिया से इस बुराई का सफाया करने के लिए एक-दूसरे से सहयोग करने पर सहमति व्‍यक्‍त की।

दोनों नेताओं ने दोनों पक्षों द्वारा निम्‍नलिखित कदम उठाए जाने पर भी सहमति प्रकट की :

1.आंतकवाद से जुड़े सभी मामलों पर चर्चा के लिए दोनों देशों के राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के बीच नयी दिल्‍ली में बैठक।
2.सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिदेशक एवं पाकिस्‍तान रेंजर्स के महानिदेशक के बीच और उसके बाद डीजीएमओ की बैठकें जल्‍द।
3. एक-दूसरे की हिरासत में मौजूद मछुआरों की उनकी नौकाओं सहित रिहाई के बारे में पंद्रह दिन के भीतर फैसला।
4. धार्मिक पर्यटन को सुगम बनाने के लिए व्‍यवस्‍था।
5.दोनों पक्षों ने आवाज के नमूने मुहैया कराने जैसी अतिरिक्‍त सूचना सहित मुम्‍बई मामले के मुकदमे की सुनवाई में तेजी लाने के तरीकों और साधनों पर विचार करने पर सहमति व्‍यक्‍त की।
        प्रधानमंत्री श्री नवाज शरीफ ने 2016 में होने वाले दक्षेस सम्‍मेलन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी को एक बार फिर पाकिस्‍तान आने का निमंत्रण दिया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने उनका निमंत्रण स्‍वीकार कर लिया।