मंगलवार, 31 अक्टूबर 2017

सुन मैरा ठिकाणा,भारत म हरयाणा/सबते न्यारा म्हारा हरयाणा


        छोटा प्रदेश पाछ्ये छोड दिये कई देश



(सोनू शर्मा) आज हरियाणा अपना 52 वां जन्मदिन मना रहा है। हरियाणा राज्य का जन्म 1 नवम्बर 1966 को हुआ था।इस से पहले हरियाणा पंजाब का हिस्सा था। जिसे 1966 में भारत के 27वें राज्य के रूप में पहचान मिलीहरियाणा की राजधानी चण्डीगढ़ है जो कि भारत का सबसे सुंदर शहर माना जाता है।राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली हरियाणा से तीन ओर से घिरी हुई है।वर्तमान में खाद्यान और दुध उत्पादन में हरियाणा देश में प्रमुख राज्य है।इस राज्य के निवासियों का प्रमुख व्यवसाय कृषि है।1960 के दशक की हरित क्रान्ति  में हरियाणा का प्रमुख योगदान रहा जिससे देश खाद्यान सम्पन्न हुआ।

   






 हरियाणा भारत के अमीर राज्यों में से एक है और  प्रति व्यक्ति आय के आधार पर यह देश का दूसरा सबसे धनी राज्य है।इसके अतिरिक्त भारत में सबसे अधिक ग्रामीण करोड़पति भी इसी राज्य में हैं। हरियाणा आर्थिक रूप से दक्षिण एशिया का सबसे विकसित क्षेत्र है।भारत में हरियाणा यात्री कारोंदो पहिया वाहनों और ट्रैक्टरों के निर्माण में सर्वोपरी राज्य है।भारत में प्रति व्यक्ति निवेश के आधार पर वर्ष 2000 से राज्य सर्वोपरी स्थान पर रहा है।हरियाणा दिन प्रतिदिन अपनी प्रतिभा का लोहा विश्व भर मेंं मनवा रहा है।   यह राज्य वैदिक सभ्यता और सिंधु घाटी सभ्यता का मुख्य निवास स्थान रहा है। इस क्षेत्र में विभिन्न निर्णायक लड़ाईयाँ भी हुई हैं।जिसमें भारत का अधिकतर इतिहास समाहित है। इसमें महाभारत का महाकाव्य युद्ध भी शामिल है। महाभारत का युद्ध कुरुक्षेत्र में हुआ (इसमें भगवान कृष्ण ने भागवत गीता का वादन किया)। इसके अलावा यहाँ तीन पानीपत की लड़ाईयाँ हुई।
           



            हरियाणा नाम कैसे पड़ा

हरियाणा का शाब्दिक अर्थ "भगवान का निवास" होता है जो संस्कृत

शब्द हरि (हिन्दू देवता विष्णुऔर अयण (निवास) से मिलकर बना 



है। मुनीलालमुरली चन्द शर्माएच॰ए॰ फड़के और सुखदेव सिंह 



छिब जैसे विद्वानों के अनुसार हरियाणा  में शब्द की 


उत्पति हरि (संस्कृत हरितहरा) और अरण्य (जंगल) से हुई है।



                        


                        खेलों में हरियाणा 



हरियाणा कि बात हो तो खेलों में हरियाणा का नाम कैसे पीछे रह 

सकता है।हरियाणा के खिलाडी न सिर्फ देश में बल्कि विदेशों में भी तिरंगा फहरा चुके है।रियो ओलंपिक में देश की बेटी साक्षी मलिक भी रियों में तिरंगा फहरा चुकी हैं और प्रोफेशनल बॉक्सिंग में हरियाणा के भिवानी जिलें के युवा खिलाड़ी विजेन्द्र सिह ने पहली जीत हासिल की है।इसके अलावा हरियाणा में ही जन्मे योगेश्वर दत्त भी रेस्लिंग में अपना दम दिखा चुके है।सुशील कुमार रेस्लिंग,साइना नेहवाल बैडमिंटन,दिनेश कुमार,जगदीश सिंह,मनोज कुमार और विकास यादव बॉक्सिंग में अपना और अपने देश प्रदेश का नाम रोशन कर चुके है।

विजेन्द्र सिह
    




साक्षी मलिक


             



खेलों का जिक्र हो और क्रिकेट कि बात ना हो,क्रिकेट में हरियाणा कैसे किसी से कम रह सकता है।1987 विश्व कप जीतने वाले कपिल देव,चेतन शर्मा,पहला टी20 विश्व कप में जीत हासिल करने वाले जोगेन्द्र शर्मा और हाल ही में अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट से अलविदा कहने वाले विरेन्द्र सहवाग भी हरियाणा जैसे छोटे से प्रदेश से हैं।अजय रात्रा,अमित मिश्रा,आशिष नेहरा,नितिन सैनी,मनविंद्र बिसला,मोहित शर्मा शामिल रहे भारतीय टीम में रहे।


यजुवेंद्र चहल


यजुवेंद्र चहल हरियाणा के जींद जिले के रहने वाले हैं उनके पिता केके एडवोकेट चहल का सपना था कि उनका इकलौता बेटा क्रिकेटर बने और इंडिया के लिए खेले। इसके लिए उन्होंने कम मेहनत नहीं की। खेत में पिच बनाकर बेटे को प्रैक्टिस कराई। स्टेडियम घर से दूर था और वहां पूरी सुविधाएं नहीं थीं। उनके पिता कहते है कि यजुवेंद्र 6-7 साल की उम्र से क्रिकेट खेलने लगा था। पढ़ाई में मन लगता नहीं था।2004 में क्रिकेट के प्रति उसका लगाव देखकर मैंने अपने डेढ़ एकड़ खेत में उसके लिए पिच बनवाई। यहीं वह सुबह-शाम प्रैक्टिस करता था।2011 तक उसने खेत में ही प्रैक्टिस की। जब उसका अंडर-19 में सिलेक्शन हुआ तो मुझे पहली बार लगा कि एक दिन हमारा सपना जरूर सच होगा।यजुवेंद्र लेग स्पिनर होने के साथ एक उम्दा ऑलराउंडर भी हैं।



कोहली के साथ यजुवेंद्र



हिमाचल के खिलाफ रणजी में 152 रनों की यादगार पारी खेल चुके हैं।आईपीएल के इस सीजन में तो अब तक के सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं।बेटे की सफलता से खुश माता- पिता ने कहा, ‘आखिर यजुवेंद्र की मेहनत रंग लाई। हमारा सपना बस पूरा हुआ।19 विकेट लेकर आईपीएल के इस सीजन में अब तक नंबर वन गेंदबाज।11मैच खेले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के लिए।2015 में भी आरसीबी के सबसे अधिक विकेट लेने वाले बॉलर रहे।उस सीजन में 15 मैचों में 23 विकेट लिए थे।ओवरऑल आईपीएल सीजन के तीसरे बेस्ट बॉलर बनें।फिलहाल यजुवेंद्र भारत की टीम में गेंदबाज की भूमिका निभा रहे हैं।




              



देश के राष्ट्रीय खेल हॉकी में भी हरियाणा के युवा किसी से कम नही है।जसजीत कौर हांडा,ममता खर्ब,प्रतीम रानी सिवाच,सदींप सिंह सैनी,सीता गुसीन,सुमन बाला,सुरेन्द्र औरे सविता पुनिया आदि खिलाडी हरियाणा की तरफ से हॉकी खेल चुके है।



     हिंदुस्तान का GOOGLE BOY है 9 साल का                                                        'कौटिल्य'
हरियाणा के करनाल जिले के कोहण्ड गांव का रहने वाल करीब 9 साल का बालक कौटिल्य अद्भुत दिमाग का धनी है। कौटिल्य देश-विदेश के भूगोल और सामान्य ज्ञान के बारे में ऐसे बताता है कि बड़ों-बड़ों के छक्के छूट जाएंगे।लेकिन उससे कहीं से कुछ भी पूछ लो, वह उस सवाल का एक दम सटीक जवाब देता है। कौटिल्य को दुनिया के देश और प्रदेश की जानकारी जुबानी याद है।कौटिल्य से किसी भी नदी, पहाड़, राज्य, नामचीन हस्तियों आदि के बारे में पूछने पर, वह पलक झपकते ही उसका जवाब दे देता है।


कलाम जी के साथ कौटिल्य 


         धरती से 'आसमान' तक हरियाणा
 हरियाणा की बेटी कल्पना चावला का नाम कौन भुल सकता है।
जिसने तिरंगे को न सिर्फ जमीन पर बल्कि आसमान में भी फहरा कर अपने देश का नाम रोशन कर दिया।जिससे ये पता चलता है कि हरियाणा की बेटियां भी किसी से कम नही हैं।वही हरियाणा की एक बेटी संंतोष यादव भी हैं जो माउंट एवरेस्ट पर तिंरगा फहरा चुकी हैं।


कल्पना चावला 

              
           'बॉलिवुड' में हरियाणा

गंगाजल फिल्म में सुंदर यादव के नाम से प्रसिद् यशपाल शर्मा 
हरियाणा के हिसार से है।जिन्होने बॉलिवुड की काफी फिल्मों में काम किया है।फिल्म अभिनेत्री जूही चावला,मल्लिका सेहरावत,सुनील दत्त,जगत जाखड़,जयदीप अहलावत,मनीष जोशी बिसमिल,ओमपुरी,परिणीति चोपड़ा,राजकुमार राव,रणदीप हुडडा,उषा शर्मा,यश टोंक,विजय वर्मा,गजेन्द्र फोगाट,विकास शर्मा और फिल्म मेसेंजर आफॅ दा गॉड़ देने वाले संत गुरमीत राम रहीम सिंह भी हरियाणा से है।


सोनू निगम 

वहीं मशहूर गीतकार भाजे भगत,गजेन्द्र वर्मा,गुलाम फरीद साबरी,जसराज पड़ित,लक्ष्मी चंद और जाने माने सिंगर सोनू निगम भी हरियाणा में ही जन्में है।
यशपाल शर्मा पुलिस वर्दी में

रणदीप हुड्डा

   विदेशो से सिर्फ मैडल ही नहीं बहुए भी लेकर आ रहे है                     'हरियाणा के छोरे '  
हरियाणा के गावँ में छाई विदेशी बहुए,प्यार के आगे हिंदी व अंग्रेजी भी नहीं बनी बाधा।हिंदी से पहले बोलने लगी हरयाणवी। 
     जहां हरियाणा देश का सबसे कम लिंगानुपात यानी कि प्रति 1000 मर्दों के पीछे करीब 900 महिलाओं वाला राज्य है, वहीं बाल्टीमोर में आज काले रंग की महिला मेयर बनी हुई है।लेकिन इन सब बातों के बावजूद बाल्टीमोर की 33 वर्षीय लड़की चानिता डोविल रोबसन को कछवा गांव के 23 वर्षीय कम्प्यूटर इंजीनियर प्रवीण धनकड़ से शादी करने से कोई नहीं रोक सका।अमरीकी सामाजिक कार्यकत्र्ता रोबसन और हरियाणवी लड़के का फेसबुक पर एक-दूसरे से प्यार हो गया और दोनों गत शुक्रवार परिणय सूत्र मेें बंध गए। ऐसा करके उन्होंने कई परम्परागत जीवन मूल्यों की उलटबांसी लगवा दी। चानिता न केवल आयु में प्रवीण से बड़ी है बल्कि वह एक नीग्रो महिला भी है।


  धनखड़ एक पुलिस कांस्टेबल का बेटा है। उसका कहना है कि उसके पिता ने प्रारम्भ में इस शादी पर एतराज जताया था लेकिन जब मैं अपनी बात पर अड़ा रहा तो वह मान गए। विवाह की रस्म पूर्ण हिन्दू रीति-रिवाजों और सात फेरों सहित सम्पन्न हुर्ई।
 चानिता विदेशी बहुओं के उस छोटे से लेकिन तेजी से बढ़ रहे कुनबे का अंग है जिन्होंने हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी मोहब्बत की तलाश की है। इस प्रक्रिया दौरान उन्होंने भारत के सबसे अधिक परम्परावादी समाजों में से एक की सीमाओं की भी थाह पा ली है।  




जींद के गांव छतड़ के राष्ट्रीय कबड्डी टीम के खिलाड़ी राजू पहलवान से शादी करवाने वाली कैलीफोॢनया की 35 वर्षीय जूना पोलाइन्स ने बताया ‘‘यहां कोई भी मुझे घूंघट निकालने को नहीं कहता।’’राजू पहलवान ने कहा, ‘‘यहां तक कि मेरी 55 वर्षीय मां आज तक अपने सिर से दुपट्टा नीचे नहीं आने देती, लेकिन मेरी पत्नी तो एक अन्य समाज में से आई है जहां कोई पर्दा नहीं करता।’’ गौरतलब है कि राजू पहलवान भी अपनी पत्नी से उम्र में 5 वर्ष छोटा है।जूना अपने पति के परिवार के साथ स्थानीय मन्दिर में पूजा करने जाती है। उसका कहना है, ‘‘यहां लोग बहुत अच्छे हैं और मैं इस स्थान को बहुत प्यार करती हूं।’’ इन दोनों की शादी भी फेसबुक के माध्यम से ही हुई। भाषा का फर्क भी दोनों के बीच किसी प्रकार का अवरोध नहीं बन सका। दोनों ही टूटी-फूटी हिन्दी और अंग्रेजी के साथ ढेर सारे संकेतों का उपयोग करके काम चला लेते हैं।
       
               सफल उघोगपति



नवीन जिंदल,सुभाष चन्द्रा,सजन जिंदल,चेती लाल वर्मा,समीर गुलाटी और बाबा रामदेव जैसे सफल बिजनेसमैन भी हरियाणा से ही है।जो कि काफी लोगों को रोजगार मुहैया करा रहे हैं।
बाबा रामदेव 

    
      नेतागिरी में भी हरियाणा किसी से कम नहीं,
       दो देशों के पूर्व प्रधानमंत्री भी म्हारे,
बात देश पर राज करने कि हो तो वहां भी हरियाणा किसी से कम 
नही है।देश के उप-प्रधानमंत्री ताऊ देवीलाल,विदेश मंत्री सुषमा स्वराज जो कि पहले दिल्ली की मुख्यमंत्री भी रह चुकी है और 25 साल की कम उम्र में मंत्री बनने का रिकार्ड भी उन्ही के नाम है।
सुषमा स्वराज

ताउ देवीलाल

          
पूर्व सेना अध्यक्ष और जनरल वीके सिंह यूपी के गाजियाबाद से 

सांसद है और मोदी कैबिनेट विदेश राज्य मंत्री हैं। इस्पात मंत्री और राव इन्द्रजीत सिंह भी मोदी कैबिनेट का हिस्सा है।
अरविंद केजरीवाल

एतिहासिक जीत हासिल करने वाली आम आदमी पार्टी के सयोंजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हरियाणा के सिवानी से है।दिल्ली विधानसभा में 10 से 15 ऐसे विधायक है जिन्होनें हरियाणा कि धरती पर जन्म लिया है या हरियाणा से जुड़े रहे।


पडिंत भगवत दयाल शर्मा

इसके अलावा हरियाणा के पहले और पूर्व मुख्यमंत्री पडिंत भगवत दयाल शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री राव बीरेन्द्र सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री बसींलाल, पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला, पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुडडा और देश के सबसे कम उम्र के सासंद दुष्यंत चौटाला आदि हरियाणा से ही है जो कि केन्द्र में हरियाणा का प्रतिनिधित्व करते है।

दुष्यंत चौटाला

         

           विदेशों में भी किया नेतृत्व

पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री नवाबजादा लियाकत अली
खान,फिजी के पूर्व प्रधानमंत्री महेंद्रा चौधरी,पाकिस्तान के पूर्व रक्षामंत्री राव सिकंदर इकबाल और हाल ही में नार्वे में मंत्री बनी अंजु चौधरी भी हरियाणा से ही है।


महेंद्रा चौधरी


अंजु चौधरी

             बार्डर पर हरियाणा

जब बात देश कि रक्षा करने की हो तो हमारे हरियाणा के जवान 
यहां भी किसी से कम नही है।सेना में हर दसवांं जवान हरियाणा से है।कारगिल युद्ध में भी हरियाणा अपना दम दिखा चुका है।हरियाणा से सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह के रिटायर होने के बाद हरियाणा में ही जन्मे सेना अध्यक्ष जनरल दलबीर सिंह सुहाग अपनी सेवाएं दे चुके हैं। 

दलबीर सिंह सुहाग



ब्लॉग पढ़ने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद ।ब्लॉग में कोई गलती लगी हो तो माफ करना और अपना फिडबैक जरुर देना।
सोनू शर्मा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एक युवा पत्रकार हैं और हरियाणा के हिसार जिले के छोटे से गांव भाटोल के रहने वाले हैं।सोनू शर्मा ने 2014 में दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की। सहारा समय नेशनल से इंटर्नशिप की और उसके बाद कई न्यूज़ चैनलों में कार्य किया। हरियाणा न्यूज,ख़बरें अभी तक,ख़बर फास्ट,ओके इंडिया में सीनियर रनडाउन प्रोड्यूसर और फिर ख़बर फ़ास्ट में आउटपुट हेड के तौर पर कार्य किया।फिलहाल हरियाणा के रोहतक से शुरू होने वाले सिटिज़न वॉइस न्यूज चैनल मेंं आउटपुट हेड के तौर पर कार्यरत है। इसके अलावा सोनू शर्मा समय-समय पर कई अखबारों में लेख और ब्लॉग लिखते रहते है।




शनिवार, 21 अक्टूबर 2017

सियासत से सलाखों तक का सफर...

अर्श से फर्श तक का सफर...

चौटाला की हर वो चाल,हर वो हाल...



भारतीय राजनीति के इतिहास में ओम प्रकाश चौटाला ऐसे गिने चुने नेताओं में शुमार हो गए हैं जिन्होंने किसी आरोप में दोषी करार दिया गया हो.अमूमन यही होता है कि भारतीय नेताओं पर आरोप तो बहुत लगते हैं, वो जेल भी चले जाते हैं लेकिन उन पर आरोप सिद्ध नहीं हो पाता है.


हरियाणा की पार्टी इंडियन नेशनल लोकदल के कर्ताकर्ता ओम प्रकाश चौटाला को उनके पिता देवी लाल ने तब उनको घर से निकाल दिया था जब वह घडि़यों की स्‍मगलिंग करते हुए दिल्ली एयरपोर्ट पर पकड़े गए थे.
लेकिन उसी बेटे को बाद में उसी पिता ने हरियाणा के सीएम की कुर्सी पर तब बैठा दिया जब उन्हें केंद्र में उप प्रधानमंत्री बनने का मौका मिला.
ओम प्रकाश चौटाला और उनके बेटे अजय चौटाला को दिल्ली की एक अदालत ने शिक्षक भर्ती घोटाले में 10 साल की सजा सुनाई है.इससे पहले चौटाला जोड़ी को हरियाणा सिविल सेवा में भी फर्जी भर्ती कराने पर मामला दर्ज है. 


 बीते 1 जनवरी को अपना 78वां जन्मदिन मनाने वाले ओम प्रकाश चौटाला देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री चौधरी देवी लाल के बेटे हैं.



बिहार में लालू यादव से लेकर झारखंड के शिबू सोरेन और मधु कोड़ा तक जेल में रहे हैं लेकिन उनपर अबतक केवल आरोप रहा है वे अबतक किसी भी आरोप में दो‍षी नहीं पाए गए हैं.ओम प्रकाश चौटाला की पार्टी इंडियन नेशनल लोकदल बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए और कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए, दोनों का हिस्सा रह चुकी है लेकिन अब चौटाला एक को 'सांपनाथ' तो दूसरे को 'नागनाथ' कहकर 

सुनने में जरूर अजीब लगता है लेकिन यह सच है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री रह चुके और अब शिक्षक घोटाला में दोषी पाए गए ओम प्रकाश चौटाला किसी जमाने में घडि़यों की स्मगलिंग किया करते थे.
इसी स्‍मगलिंग को करते हुए जब चौटाला को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया तो उनके पिता चौधरी देवी लाल ने उनको घर से बेदखल कर दिया था.हालांकि 2 दिसंबर 1989 को उसी पिता का पुत्र प्रेम तब जागा जब उन्हें केंद्र में उप प्रधानमंत्री का पद मिला और तब उन्होंने अपने बेटे ओम प्रकाश चौटाला को हरियाणा के मुख्यमंत्री का पद दिया.

आय से अधिक संपत्ति के एक मामले में सीबीआई ने चौटाला परिवार के खिलाफ 1467 करोड़ रुपये की संपत्ति का चार्जशीट दायर किया है.1467 करोड़ रुपये के इस मामले में चौटाला परिवार का 80 से ज्यादा केवल प्रॉपर्टी है. कांग्रेस का कहना है कि यह संपत्ति चौटाला ने 1993 से 2006 के बीच में बनाई है.एक अहम घटनाक्रम में दिल्ली की एक अदालत ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला और उनके बेटे अजय चौटाला को भ्रष्टाचार के एक मामले में 10-10 साल के कारावास की आज सजा सुनाई. इस फैसले के बाद चौटाला के समर्थकों ने अदालत परिसर में हिंसा की.
जूनियर बेसिक ट्रेंड शिक्षक भर्ती घोटाले में भ्रष्टाचार और अन्य आरोपों में पिछले सप्ताह चौटाला पिता पुत्र और दो आईएएस अधिकारी सहित 55 लोगों को दोषी ठहराने वाले विशेष सीबीआई न्यायाधीश विनोद कुमार ने दोषियों को अलग अलग अवधि की जेल की सजा सुनाई.
चार बार मुख्यमंत्री रह चुके 78 वर्षीय ओम प्रकाश और उनके बेटे 51 वर्षीय अजय दोनों ही विधायक हैं और अगर उपरी अदालत द्वारा उनकी दोषसिद्धि पर रोक नहीं लगाई जाती है तो उन्हें अगले साल विधानसभा चुनाव में खड़ा होने से अयोग्य ठहराया जा सकता है.जनप्रतिनिधि अधिनियम के अनुसार, किसी अपराध में दोषी और दो साल के से अधिक के कारावास की सजा पाने वाला कोई भी व्यक्ति दोषसिद्धि से सजा खत्म होने के छह साल बाद तक चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य रहेगा.
अदालत परिसर में हिंसा से बेपरवाह न्यायाधीश ने सजा का आदेश पढ़कर सुनाया. उधर, चौटाला समर्थकों ने अदालत परिसर में पथराव किया, देसी बम फेंके और पुलिस से झड़प की. जवाब में पुलिस को कानून व्यवस्था बनाने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े.

अदालत ने चौटाला पिता पुत्र के अलावा तत्कालीन प्राथमिक शिक्षा निदेशक संजीव कुमार, चौटाला के पूर्व विशेष ड्यूटी अधिकारी विद्या धर (दोनों आईएएस अधिकारी) और हरियाणा के मुख्यमंत्री के तत्कालीन राजनीतिक सलाहकार शेर सिंह बादशामी (विधायक) को भी दस-दस साल के कारावास की सजा सुनाई.
सभी 55 दोषियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी (आपराधिक साजिश), 418 (धोखाधड़ी), 467 (फर्जीवाडा), 471 (फर्जी दस्तावेजों का उपयोग) और भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम की धारा 13 (एक) (डी) और 13 (दो) के तहत दोषी ठहराया और सजा सुनाई.
पांच मुख्य आरोपियों के अलावा एक महिला सहित चार अन्य को भी 10 साल की सजा सुनाई गई है. इसके अलावा, एक दोषी को पांच साल की जबकि बाकी बचे 45 दोषियों को चार-चार साल के कारावास की सजा दी गई.

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