(सोनू शर्मा) किसी ने सच कहा है जब कुछ कर गुजरने की हिम्मत
हो तो भगवान भी हार मान लेता है।ऐसा ही एक कारनामा कर दिखाया है फतेहाबाद जिले की
बेटी श्वेता मेहता ने।आईटी कंपनी में नौकरी कर चुकी श्वेता ने उन लोगों के मुंह पर भी ताला लगाने का काम किया है जो ये कहते
है की हरियाणा में बेटियों को पढ़ने नहीं दिया जाता जिस वजह से वो आगे नहीं पढ़
पाती।साथ ही स्वेता ने कपड़ो को लेकर हरियाणा के फैशन के तौर तरिके पर सवाल उठाने
वालों को भी जवाब दे दिया है।28
साल की श्वेता मेहता एमटीवी के शो रोडीज राइजिंग में बतौर कंटेस्टेंट सेलेक्ट हुई
है।श्वेता ने शो में कंपीटिशन के लिए एक्ट्रेस नेहा धूपिया की टीम को चुना है।
एमटीवी पर लगातार श्वेता के ऑडिशन का वीडियो दिखाया जा रहा है, जिसमें वह हरभजन सिंह को अपने कंधों पर
उठाकर सिट-अप लगा रही हैं। श्वेता का कहना है कि फिटनेस मॉडल होने के कारण वह
हरभजन को उठा सकी, जिसके
बाद जजेज इंप्रेस हुए और उसका सलेक्शन हुआ।
आईटी की नौकरी छोड़ बनी फिटनेस मॉडल
श्वेता मेहता ने बताया कि उसने 2009 में जीजेयू, हिसार से बीटेक किया और आईटी में नौकरी
करने के लिए बेंगलुरु चली गई। वहां 5 साल तक आईटी कंपनी में नौकरी की लेकिन इस बीच जिम का शौक जागा तो
फिटनेस बनने की ठान ली। शौक ऐसा चढ़ा की नौकरी छोड़ दी। श्वेता ने कहा कि उसने कई
साल तक जिम में मेहनत की। इस बीच 5
साल नौकरी से कमाए सारे पैसे भी खर्च हो गए।
बिकनी पहनने पर मां ने कई दिनों तक नहीं की थी
बात
श्वेता ने बताया कि जब कंपीटिशन लड़ने के लिए
बिकनी पहनी तो मां को बुरा लगा और उन्होंने काफी महीने तक बात भी नहीं की।
धीरे-धीरे कई फिटनेस कंपीटिशन जीते और 2016 में एशियन चैंपियनशिप में भारत को रिप्रजेंट
किया। इसके बाद घर वालों ने बोलना शुरू किया। श्वेता का कहना है कि अब मेरी मां ही
मेरी बिकनी का कलर सेलेक्ट करती हैं। श्वेता अब बेंगलुरु में फिटनेस ट्रेनर और
मॉडल है।
शुरू से था रोडीज में जाने का क्रेज
श्वेता का कहना है कि उसे शुरूआत से ही रोडीज
में जाने का क्रेज था। इससे पहले भी रोडीज में ऑडिशन दिया था लेकिन सेलेक्ट नहीं
हुई। इस बार फिर ऑडिशन दिया तो सिलेक्ट हुई। श्वेता के पिता जनक मेहता आढ़ती हैं
और मां कृष्णा हेड टीचर हैं। श्वेता के रोडीज में सेलेक्ट होने पर दोनों बेहद खुश
हैं। परिवार में दादा सुभाष चंद्र,
दादी ईशा मेहता, तीन
भाई प्रवेश, संदीप
और शलील है।



