गुरुवार, 30 नवंबर 2017

तीन साल, मनोहर लाल, कभी बवाल तो,कभी सवाल ?

(सोनू शर्मा)  
कश्मीर की समस्या से निपटने का दावा करने वाली बीजेपी सरकार का दावा,उस समय फीका पड़ जाता है,जब कश्मीर से बुरा हाल कभी शांत रहे राज्य हरियाणा का हो जाता है।हरियाणा की सड़कों पर अगर आपको अर्धसैनिक बल नजर आए तो आपने मन में भी यही विचार आएगा कहीं कश्मीर में तो नहीं आ गए।चौकिए मत सही पढ़ा है आपने। पिछले तीन वर्षों में हरियाणा की कानून व्यवस्था खट्टर के हाथ में नहीं बल्कि तीन बार आर्मी और छह बार पैरा-मिलिट्री फोर्स के हाथों में रही है। भाजपा सरकार इन पर करीब 300 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च कर चुकी है।ऐसा नहीं है कि सरकार के लिए जाट आंदोलन ही गले की फांस बना हो,बल्कि साधू-संतो से निपटने के लिए भी सरकार को फोर्स की मदद लेनी पड़ी। तीन साल में विकास के तमाम दावे करने वाली खट्टर सरकार को इन तीन सालों में तीन बार प्रदेश के गृह सचिव और तीन ही बार पुलिस महानिदेशक को बदलना पड़ा।रामपाल की गिरफ्तारी के लिए सरकार को आर्मी बुलानी पड़ी। कई दिनों तक पैरा-मिलिट्री फोर्स डेरा डाले रही। 


इसके बाद फरवरी-2016 में जब जाटों ने आरक्षण के मुद्दे पर आंदोलन छेड़ा तो पैरा-मिलिट्री के अलावा आर्मी तक को बुला लिया गया, लेकिन न तो हिंसा रुकी और न ही आगजनी और लूटपाट। तीन दिन तो प्रदेश में ऐसे हालात थे, मानो सरकार नाम की कोई चीज ही नहीं है। यह मामला तो अभी निपटा ही नहीं था कि चार महीने बाद जून-जुलाई में जाटों ने फिर आंदोलन छेड़ दिया। सरकार ने हरियाणा पुलिस पर भरोसा करने की बजाय पहले ही दिन पैरा-मिलिट्री फोर्स को बुला लिया। इसके बाद फरवरी-मार्च 2017 में फिर जाटों का आंदोलन शुरू हुआ। करीब महीना भर हाई-वोल्टेज ड्रामा चला। इस दौरान भी प्रदेश के करीब दो सप्ताह तक पैरा-मिलिट्री फोर्स की दर्जनों कंपनियों ने मोर्चा संभाले रखा।अब सरकार ने थोड़ी राहत लेने की सोची तो कभी सरकार के लिए मददगार साबित रहे बाबा राम रहीम सरकार के लिए मुसीबत बन कर खड़े हो गए।अगस्त 2017 में डेरामुखी से निपटने के लिए मनोहर सरकार को फिर से केंद्र की शरण में जाना पड़ा। पहले पैरा-मिलिट्री, फिर आर्मी बुलाई गई। पूरे मामले को लेकर सरकार को विपक्ष से लेकर आम जनता तक के गुस्से का शिकार होना पड़ा।इस पूरे प्रकरण में 38 लोगों की मौत हुई।फिलहाल बाबा राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल में 20 साल की सजा काट रहा है।



वहीं सरकार के लिए ताजा मुसीबत बनकर आई 26 नवंबर की रैलियां।दरअसल 26 नवंबर को हरियाणा में रैलियों का रविवार था।लेकिन ये कोई बड़ी बात नहीं थी रैलियां होती रहती है,लेकिन जींद में सांसद राजकुमार सैनी और जसिया में जाट संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक की रैलियों से निपटने के लिए भी सरकार को फिर से पैरा-मिलिट्री फोर्स की मदद लेनी पड़ी।इतना ही नहीं सरकार को रैलियों से निपटने के लिए इंटरनेट सेवा तक बंद करना पड़ी और कुछ रुटों पर रोडवेज की बसें भी बंद करनी पड़ी।साथ ही हरियाणा पुलिस के सभी कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द करनी पड़ी। 


दिलचस्प बात ये है कि जाटों के कार्यक्रम में केंद्रीय इस्पात मंत्री बीरेंद्र सिंह और गैर जाट सम्मेलन में मानव संसाधन राज्य मंत्री उपेंद्र कुशवाहा पहुंचे। चौधरी छोटूराम के नाती बीरेंद्र सिंह हरियाणा भाजपा में बड़े जाट नेता हैं। वहीं, उपेंद्र कुशवाहा लोक समता पार्टी के ओबीसी नेता हैं। सैनी की रैली में बिहार के मुजफ्फरपुर से भाजपा सांसद अजय निषाद भी पहुंचे। हालांकि, दोनों रैलियों में हरियाणा सरकार भाजपा की ओर से कोई मंत्री-विधायक या नेता नहीं पहुंचा। माना जा रहा है कि भाजपा ने इनेलो और हुड्डा के जाट वोट बैंक में सेंध लगाने की तैयारी कर ली है,जाट रैली में पूर्व मुख्यमंत्री और जाट चेहरा भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इस रैली को ये कहते हुए इंकार कर दिया था कि,वो 36 जात के नेता है,इसलिए जसिया रैली में नहीं आ सकते,लेकिन फतेहाबाद में होने वाली दलित चौपाल में हुड्डा का शामिल होना कांग्रेस के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

                                                

मंगलवार, 21 नवंबर 2017

21 साल, कब होंगे छात्र चुनाव बहाल ?

हरियाणा में छात्र राजनीति का लंबा इतिहास रहा है। राज्‍य के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से कई ऐसे छात्र नेता निकले, जिन्होंने अपनी धमक और कौशल के बूते हरियाणा और देश की राजनीति में सफल मुकाम हासिल किए। कोई विधायक बना तो किसी ने सांसद और मंत्री बनकर देश-प्रदेश की राजनीति में पूरा दखल बनाया। लेकिन, पिछले 21 साल से राजनी‍ति की प्राथमिक पाठशाला समझे जाने वाले छात्र संघ चुनाव बंद हैं। अब एक बार फिर राज्य में छात्र संघ के चुनाव कराने की मांग जोर पकड़ती जा रही है। ऐसे में सरकार दबाव में है और छात्र संगठन उत्साह में। दरअसल प्रदेश में पिछले  21  साल से छात्र संघ के चुनाव पर रोक लगी हुई है। इस पर रोक लगाए जाने के समय हरियाणा में हविपा-भाजपा गठबंधन की सरकार थी और मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल थे।



अब फिर छात्र संघ के चुनाव आरंभ करने की प्रक्रिया शुरू हुई है, लेकिन चुनाव कराने के प्रारूप पर सरकार और छात्र संगठन आमने सामने आ गए है। सरकार कालेजों में खून-खराबे की आशंका जताते हुए यह चुनाव आनलाइन चुनाव कराने के हक में है। दूसरी ओर, छात्र संगठन इस प्रक्रिया को स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं।दरअसल, हरियाणा में छात्र राजनीति के कई सुखद पहलू है तो दागदार पहलू भी कम नहीं है। प्रदेश के विश्वविद्यालयों और कालेजों के कैंपस युवाओं के खून से रंगे हुए है। करीब एक दर्जन छात्र नेताओं की हत्या और हर जिले में मुकदमे बाजी से आजिज तत्कालीन मुख्यमंत्री बंसीलाल ने 1996 में छात्र संघ के चुनाव पर रोक लगा दी थी। तब से छात्र राजनीति हाशिए पर है। इन 21 सालों में पिछले तीन साल को छोड़ कर राज्य में कांग्रेस और इनेलो की सरकारें रहीं। दोनों पार्टियों के छात्र संगठन लगातार अपनी सरकारों से छात्र संघ के चुनाव कराने की मांग करते रहे, लेकिन कोई पार्टी छात्र संघ के चुनाव बहाल करने का साहस नहीं जुटा पाई। लेकिन भाजपा ने 2014 में अपने चुनाव घोषणा पत्र में छात्र संघ के चुनाव बहाल करने का वादा किया था। अब 2017 है। तीन साल बाद मनोहर सरकार राज्य में छात्र संघ के चुनाव कराने को तो राजी हो गई, लेकिन चुनाव के प्रारूप पर पेंच फंस गया है। इस माह के अंत तक नए सिरे से बैठक कर सरकार और छात्र संगठन चुनाव के प्रारूप पर सहमति बनाने की कोशिश कर सकते है। हरियाणा में 1200 सरकारी,अर्ध सरकारी व निजी कॉलेज और लगभग 12 विश्वविद्यालय है। प्रदेश सरकार को यदि ऑनलाइन चुनाव के नतीजे अच्छे लगे तो इस प्रक्रिया को अगले शिक्षा सत्र से राज्य के सभी विश्वविद्यालयों व कॉलेजों में लागू किया जा सकता है।

शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने चार सदस्यीय कमेटी से ऐसे कैंपस सुझाने को कहा है, जहां पायलट आधार पर चुनाव कराए जा सकते है। माना जा रहा कि पायलट आधार पर आनलाइन चुनाव कराने के लिए इसी माह फैसला ले लिया जाएगा और इस शिक्षा सत्र के अगले सेमेस्टर में ही यह प्रयोग कर लिया जाएगा। इनसो अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने आनलाइन चुनाव प्रक्रिया का खुला विरोध किया है। उनका विरोध जारी रहा तो सरकार फिर से नई कार्ययोजना तैयार करने को अगले दस दिनों में बैठक बुला सकती है। चौटाला ने कहा कि आनलाइन चुनाव धोखा है और भाजपा द्वारा अपने चुनावी वादे से मुकरने का बहाना है।जबकि भाजपा के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने चुप्पी साधते हुए सरकार के फैसले के प्रति समर्थन जाहिर किया है।

मंगलवार, 31 अक्टूबर 2017

सुन मैरा ठिकाणा,भारत म हरयाणा/सबते न्यारा म्हारा हरयाणा


        छोटा प्रदेश पाछ्ये छोड दिये कई देश



(सोनू शर्मा) आज हरियाणा अपना 52 वां जन्मदिन मना रहा है। हरियाणा राज्य का जन्म 1 नवम्बर 1966 को हुआ था।इस से पहले हरियाणा पंजाब का हिस्सा था। जिसे 1966 में भारत के 27वें राज्य के रूप में पहचान मिलीहरियाणा की राजधानी चण्डीगढ़ है जो कि भारत का सबसे सुंदर शहर माना जाता है।राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली हरियाणा से तीन ओर से घिरी हुई है।वर्तमान में खाद्यान और दुध उत्पादन में हरियाणा देश में प्रमुख राज्य है।इस राज्य के निवासियों का प्रमुख व्यवसाय कृषि है।1960 के दशक की हरित क्रान्ति  में हरियाणा का प्रमुख योगदान रहा जिससे देश खाद्यान सम्पन्न हुआ।

   






 हरियाणा भारत के अमीर राज्यों में से एक है और  प्रति व्यक्ति आय के आधार पर यह देश का दूसरा सबसे धनी राज्य है।इसके अतिरिक्त भारत में सबसे अधिक ग्रामीण करोड़पति भी इसी राज्य में हैं। हरियाणा आर्थिक रूप से दक्षिण एशिया का सबसे विकसित क्षेत्र है।भारत में हरियाणा यात्री कारोंदो पहिया वाहनों और ट्रैक्टरों के निर्माण में सर्वोपरी राज्य है।भारत में प्रति व्यक्ति निवेश के आधार पर वर्ष 2000 से राज्य सर्वोपरी स्थान पर रहा है।हरियाणा दिन प्रतिदिन अपनी प्रतिभा का लोहा विश्व भर मेंं मनवा रहा है।   यह राज्य वैदिक सभ्यता और सिंधु घाटी सभ्यता का मुख्य निवास स्थान रहा है। इस क्षेत्र में विभिन्न निर्णायक लड़ाईयाँ भी हुई हैं।जिसमें भारत का अधिकतर इतिहास समाहित है। इसमें महाभारत का महाकाव्य युद्ध भी शामिल है। महाभारत का युद्ध कुरुक्षेत्र में हुआ (इसमें भगवान कृष्ण ने भागवत गीता का वादन किया)। इसके अलावा यहाँ तीन पानीपत की लड़ाईयाँ हुई।
           



            हरियाणा नाम कैसे पड़ा

हरियाणा का शाब्दिक अर्थ "भगवान का निवास" होता है जो संस्कृत

शब्द हरि (हिन्दू देवता विष्णुऔर अयण (निवास) से मिलकर बना 



है। मुनीलालमुरली चन्द शर्माएच॰ए॰ फड़के और सुखदेव सिंह 



छिब जैसे विद्वानों के अनुसार हरियाणा  में शब्द की 


उत्पति हरि (संस्कृत हरितहरा) और अरण्य (जंगल) से हुई है।



                        


                        खेलों में हरियाणा 



हरियाणा कि बात हो तो खेलों में हरियाणा का नाम कैसे पीछे रह 

सकता है।हरियाणा के खिलाडी न सिर्फ देश में बल्कि विदेशों में भी तिरंगा फहरा चुके है।रियो ओलंपिक में देश की बेटी साक्षी मलिक भी रियों में तिरंगा फहरा चुकी हैं और प्रोफेशनल बॉक्सिंग में हरियाणा के भिवानी जिलें के युवा खिलाड़ी विजेन्द्र सिह ने पहली जीत हासिल की है।इसके अलावा हरियाणा में ही जन्मे योगेश्वर दत्त भी रेस्लिंग में अपना दम दिखा चुके है।सुशील कुमार रेस्लिंग,साइना नेहवाल बैडमिंटन,दिनेश कुमार,जगदीश सिंह,मनोज कुमार और विकास यादव बॉक्सिंग में अपना और अपने देश प्रदेश का नाम रोशन कर चुके है।

विजेन्द्र सिह
    




साक्षी मलिक


             



खेलों का जिक्र हो और क्रिकेट कि बात ना हो,क्रिकेट में हरियाणा कैसे किसी से कम रह सकता है।1987 विश्व कप जीतने वाले कपिल देव,चेतन शर्मा,पहला टी20 विश्व कप में जीत हासिल करने वाले जोगेन्द्र शर्मा और हाल ही में अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट से अलविदा कहने वाले विरेन्द्र सहवाग भी हरियाणा जैसे छोटे से प्रदेश से हैं।अजय रात्रा,अमित मिश्रा,आशिष नेहरा,नितिन सैनी,मनविंद्र बिसला,मोहित शर्मा शामिल रहे भारतीय टीम में रहे।


यजुवेंद्र चहल


यजुवेंद्र चहल हरियाणा के जींद जिले के रहने वाले हैं उनके पिता केके एडवोकेट चहल का सपना था कि उनका इकलौता बेटा क्रिकेटर बने और इंडिया के लिए खेले। इसके लिए उन्होंने कम मेहनत नहीं की। खेत में पिच बनाकर बेटे को प्रैक्टिस कराई। स्टेडियम घर से दूर था और वहां पूरी सुविधाएं नहीं थीं। उनके पिता कहते है कि यजुवेंद्र 6-7 साल की उम्र से क्रिकेट खेलने लगा था। पढ़ाई में मन लगता नहीं था।2004 में क्रिकेट के प्रति उसका लगाव देखकर मैंने अपने डेढ़ एकड़ खेत में उसके लिए पिच बनवाई। यहीं वह सुबह-शाम प्रैक्टिस करता था।2011 तक उसने खेत में ही प्रैक्टिस की। जब उसका अंडर-19 में सिलेक्शन हुआ तो मुझे पहली बार लगा कि एक दिन हमारा सपना जरूर सच होगा।यजुवेंद्र लेग स्पिनर होने के साथ एक उम्दा ऑलराउंडर भी हैं।



कोहली के साथ यजुवेंद्र



हिमाचल के खिलाफ रणजी में 152 रनों की यादगार पारी खेल चुके हैं।आईपीएल के इस सीजन में तो अब तक के सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं।बेटे की सफलता से खुश माता- पिता ने कहा, ‘आखिर यजुवेंद्र की मेहनत रंग लाई। हमारा सपना बस पूरा हुआ।19 विकेट लेकर आईपीएल के इस सीजन में अब तक नंबर वन गेंदबाज।11मैच खेले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के लिए।2015 में भी आरसीबी के सबसे अधिक विकेट लेने वाले बॉलर रहे।उस सीजन में 15 मैचों में 23 विकेट लिए थे।ओवरऑल आईपीएल सीजन के तीसरे बेस्ट बॉलर बनें।फिलहाल यजुवेंद्र भारत की टीम में गेंदबाज की भूमिका निभा रहे हैं।




              



देश के राष्ट्रीय खेल हॉकी में भी हरियाणा के युवा किसी से कम नही है।जसजीत कौर हांडा,ममता खर्ब,प्रतीम रानी सिवाच,सदींप सिंह सैनी,सीता गुसीन,सुमन बाला,सुरेन्द्र औरे सविता पुनिया आदि खिलाडी हरियाणा की तरफ से हॉकी खेल चुके है।



     हिंदुस्तान का GOOGLE BOY है 9 साल का                                                        'कौटिल्य'
हरियाणा के करनाल जिले के कोहण्ड गांव का रहने वाल करीब 9 साल का बालक कौटिल्य अद्भुत दिमाग का धनी है। कौटिल्य देश-विदेश के भूगोल और सामान्य ज्ञान के बारे में ऐसे बताता है कि बड़ों-बड़ों के छक्के छूट जाएंगे।लेकिन उससे कहीं से कुछ भी पूछ लो, वह उस सवाल का एक दम सटीक जवाब देता है। कौटिल्य को दुनिया के देश और प्रदेश की जानकारी जुबानी याद है।कौटिल्य से किसी भी नदी, पहाड़, राज्य, नामचीन हस्तियों आदि के बारे में पूछने पर, वह पलक झपकते ही उसका जवाब दे देता है।


कलाम जी के साथ कौटिल्य 


         धरती से 'आसमान' तक हरियाणा
 हरियाणा की बेटी कल्पना चावला का नाम कौन भुल सकता है।
जिसने तिरंगे को न सिर्फ जमीन पर बल्कि आसमान में भी फहरा कर अपने देश का नाम रोशन कर दिया।जिससे ये पता चलता है कि हरियाणा की बेटियां भी किसी से कम नही हैं।वही हरियाणा की एक बेटी संंतोष यादव भी हैं जो माउंट एवरेस्ट पर तिंरगा फहरा चुकी हैं।


कल्पना चावला 

              
           'बॉलिवुड' में हरियाणा

गंगाजल फिल्म में सुंदर यादव के नाम से प्रसिद् यशपाल शर्मा 
हरियाणा के हिसार से है।जिन्होने बॉलिवुड की काफी फिल्मों में काम किया है।फिल्म अभिनेत्री जूही चावला,मल्लिका सेहरावत,सुनील दत्त,जगत जाखड़,जयदीप अहलावत,मनीष जोशी बिसमिल,ओमपुरी,परिणीति चोपड़ा,राजकुमार राव,रणदीप हुडडा,उषा शर्मा,यश टोंक,विजय वर्मा,गजेन्द्र फोगाट,विकास शर्मा और फिल्म मेसेंजर आफॅ दा गॉड़ देने वाले संत गुरमीत राम रहीम सिंह भी हरियाणा से है।


सोनू निगम 

वहीं मशहूर गीतकार भाजे भगत,गजेन्द्र वर्मा,गुलाम फरीद साबरी,जसराज पड़ित,लक्ष्मी चंद और जाने माने सिंगर सोनू निगम भी हरियाणा में ही जन्में है।
यशपाल शर्मा पुलिस वर्दी में

रणदीप हुड्डा

   विदेशो से सिर्फ मैडल ही नहीं बहुए भी लेकर आ रहे है                     'हरियाणा के छोरे '  
हरियाणा के गावँ में छाई विदेशी बहुए,प्यार के आगे हिंदी व अंग्रेजी भी नहीं बनी बाधा।हिंदी से पहले बोलने लगी हरयाणवी। 
     जहां हरियाणा देश का सबसे कम लिंगानुपात यानी कि प्रति 1000 मर्दों के पीछे करीब 900 महिलाओं वाला राज्य है, वहीं बाल्टीमोर में आज काले रंग की महिला मेयर बनी हुई है।लेकिन इन सब बातों के बावजूद बाल्टीमोर की 33 वर्षीय लड़की चानिता डोविल रोबसन को कछवा गांव के 23 वर्षीय कम्प्यूटर इंजीनियर प्रवीण धनकड़ से शादी करने से कोई नहीं रोक सका।अमरीकी सामाजिक कार्यकत्र्ता रोबसन और हरियाणवी लड़के का फेसबुक पर एक-दूसरे से प्यार हो गया और दोनों गत शुक्रवार परिणय सूत्र मेें बंध गए। ऐसा करके उन्होंने कई परम्परागत जीवन मूल्यों की उलटबांसी लगवा दी। चानिता न केवल आयु में प्रवीण से बड़ी है बल्कि वह एक नीग्रो महिला भी है।


  धनखड़ एक पुलिस कांस्टेबल का बेटा है। उसका कहना है कि उसके पिता ने प्रारम्भ में इस शादी पर एतराज जताया था लेकिन जब मैं अपनी बात पर अड़ा रहा तो वह मान गए। विवाह की रस्म पूर्ण हिन्दू रीति-रिवाजों और सात फेरों सहित सम्पन्न हुर्ई।
 चानिता विदेशी बहुओं के उस छोटे से लेकिन तेजी से बढ़ रहे कुनबे का अंग है जिन्होंने हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी मोहब्बत की तलाश की है। इस प्रक्रिया दौरान उन्होंने भारत के सबसे अधिक परम्परावादी समाजों में से एक की सीमाओं की भी थाह पा ली है।  




जींद के गांव छतड़ के राष्ट्रीय कबड्डी टीम के खिलाड़ी राजू पहलवान से शादी करवाने वाली कैलीफोॢनया की 35 वर्षीय जूना पोलाइन्स ने बताया ‘‘यहां कोई भी मुझे घूंघट निकालने को नहीं कहता।’’राजू पहलवान ने कहा, ‘‘यहां तक कि मेरी 55 वर्षीय मां आज तक अपने सिर से दुपट्टा नीचे नहीं आने देती, लेकिन मेरी पत्नी तो एक अन्य समाज में से आई है जहां कोई पर्दा नहीं करता।’’ गौरतलब है कि राजू पहलवान भी अपनी पत्नी से उम्र में 5 वर्ष छोटा है।जूना अपने पति के परिवार के साथ स्थानीय मन्दिर में पूजा करने जाती है। उसका कहना है, ‘‘यहां लोग बहुत अच्छे हैं और मैं इस स्थान को बहुत प्यार करती हूं।’’ इन दोनों की शादी भी फेसबुक के माध्यम से ही हुई। भाषा का फर्क भी दोनों के बीच किसी प्रकार का अवरोध नहीं बन सका। दोनों ही टूटी-फूटी हिन्दी और अंग्रेजी के साथ ढेर सारे संकेतों का उपयोग करके काम चला लेते हैं।
       
               सफल उघोगपति



नवीन जिंदल,सुभाष चन्द्रा,सजन जिंदल,चेती लाल वर्मा,समीर गुलाटी और बाबा रामदेव जैसे सफल बिजनेसमैन भी हरियाणा से ही है।जो कि काफी लोगों को रोजगार मुहैया करा रहे हैं।
बाबा रामदेव 

    
      नेतागिरी में भी हरियाणा किसी से कम नहीं,
       दो देशों के पूर्व प्रधानमंत्री भी म्हारे,
बात देश पर राज करने कि हो तो वहां भी हरियाणा किसी से कम 
नही है।देश के उप-प्रधानमंत्री ताऊ देवीलाल,विदेश मंत्री सुषमा स्वराज जो कि पहले दिल्ली की मुख्यमंत्री भी रह चुकी है और 25 साल की कम उम्र में मंत्री बनने का रिकार्ड भी उन्ही के नाम है।
सुषमा स्वराज

ताउ देवीलाल

          
पूर्व सेना अध्यक्ष और जनरल वीके सिंह यूपी के गाजियाबाद से 

सांसद है और मोदी कैबिनेट विदेश राज्य मंत्री हैं। इस्पात मंत्री और राव इन्द्रजीत सिंह भी मोदी कैबिनेट का हिस्सा है।
अरविंद केजरीवाल

एतिहासिक जीत हासिल करने वाली आम आदमी पार्टी के सयोंजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हरियाणा के सिवानी से है।दिल्ली विधानसभा में 10 से 15 ऐसे विधायक है जिन्होनें हरियाणा कि धरती पर जन्म लिया है या हरियाणा से जुड़े रहे।


पडिंत भगवत दयाल शर्मा

इसके अलावा हरियाणा के पहले और पूर्व मुख्यमंत्री पडिंत भगवत दयाल शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री राव बीरेन्द्र सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री बसींलाल, पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला, पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुडडा और देश के सबसे कम उम्र के सासंद दुष्यंत चौटाला आदि हरियाणा से ही है जो कि केन्द्र में हरियाणा का प्रतिनिधित्व करते है।

दुष्यंत चौटाला

         

           विदेशों में भी किया नेतृत्व

पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री नवाबजादा लियाकत अली
खान,फिजी के पूर्व प्रधानमंत्री महेंद्रा चौधरी,पाकिस्तान के पूर्व रक्षामंत्री राव सिकंदर इकबाल और हाल ही में नार्वे में मंत्री बनी अंजु चौधरी भी हरियाणा से ही है।


महेंद्रा चौधरी


अंजु चौधरी

             बार्डर पर हरियाणा

जब बात देश कि रक्षा करने की हो तो हमारे हरियाणा के जवान 
यहां भी किसी से कम नही है।सेना में हर दसवांं जवान हरियाणा से है।कारगिल युद्ध में भी हरियाणा अपना दम दिखा चुका है।हरियाणा से सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह के रिटायर होने के बाद हरियाणा में ही जन्मे सेना अध्यक्ष जनरल दलबीर सिंह सुहाग अपनी सेवाएं दे चुके हैं। 

दलबीर सिंह सुहाग



ब्लॉग पढ़ने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद ।ब्लॉग में कोई गलती लगी हो तो माफ करना और अपना फिडबैक जरुर देना।
सोनू शर्मा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एक युवा पत्रकार हैं और हरियाणा के हिसार जिले के छोटे से गांव भाटोल के रहने वाले हैं।सोनू शर्मा ने 2014 में दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की। सहारा समय नेशनल से इंटर्नशिप की और उसके बाद कई न्यूज़ चैनलों में कार्य किया। हरियाणा न्यूज,ख़बरें अभी तक,ख़बर फास्ट,ओके इंडिया में सीनियर रनडाउन प्रोड्यूसर और फिर ख़बर फ़ास्ट में आउटपुट हेड के तौर पर कार्य किया।फिलहाल हरियाणा के रोहतक से शुरू होने वाले सिटिज़न वॉइस न्यूज चैनल मेंं आउटपुट हेड के तौर पर कार्यरत है। इसके अलावा सोनू शर्मा समय-समय पर कई अखबारों में लेख और ब्लॉग लिखते रहते है।